वाराणसी में मदरसों का सर्वे शुरू, शासन को मिली 13 संदिग्ध मदरसों की जानकारी

वाराणसी में मदरसों का सर्वे शुरू
मदरसा सर्वे के लिए वाराणसी में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। इसमें जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्रा, SDM और बेसिक शिक्षा अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्रा ने बताया कि मदरसों से 13 प्रश्नों का एक प्रारूप भरवाया जा रहा है। फिलहाल, पड़ताल करने पर 13 अवैध मदरसों के बारे में जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि जब अवैध मदरसों की सूची दो-तीन दिन में आ जाएगी। इसके बाद जमीनी स्तर पर सर्वे का काम कराया जाएगा। उनसे प्रारूप भी भरवाया जाएगा।

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ

वाराणसी । चल रहे गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों की पड़ताल शुरू हो गई है। प्रारंभिक आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। अभी तक गैर मान्यता वाले 13 संदिग्ध मदरसों की पहचान हुई है। इनकी सूची शासन को मिल गई है। इनमें लोहता, बजरडीहा समेत शहरी इलाकों में चलने वाले मदरसे शामिल हैं। जिले में कुल 108 मदरसें मदरसा बोर्ड के पोर्टल पर दर्ज हैं। इनमें से 23 अनुदानित और 85 गैर-अनुदानित हैं।

मदरसा सर्वे के लिए वाराणसी में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। इसमें जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्रा, SDM और बेसिक शिक्षा अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्रा ने बताया कि मदरसों से 13 प्रश्नों का एक प्रारूप भरवाया जा रहा है। फिलहाल, पड़ताल करने पर 13 अवैध मदरसों के बारे में जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि जब अवैध मदरसों की सूची दो-तीन दिन में आ जाएगी। इसके बाद जमीनी स्तर पर सर्वे का काम कराया जाएगा। उनसे प्रारूप भी भरवाया जाएगा।

इन 13 प्रारूपों पर हो रही हे मदरसों की जांच।

इन 13 प्रारूपों पर हो रही हे मदरसों की जांच।

हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके दें सूचना

संजय मिश्रा ने कहा कि अवैध मदरसों की जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। यदि किसी लोकल व्यक्ति को ऐसे मदरसों के बारे में जानकारी है, तो वो हमे हेल्पलाइन नंबर - 9452711392 पर कॉल कर सकते हैं। इस नंबर पर अवसाफ अहमद सिद्दीकी फोन उठाएंगे, उन्हें सारी डिटेल नोट करवा दें। बता दें कि योगी सरकार ने पूरे उत्तर प्रदेश में मदरसों के सर्वे का काम शुरू कर दिया है। इस फैसले के बाद वाराणसी समेत आसपास के जिलों में जांच हो रही है।

इन विभागों से मांगी है मदद

संजय मिश्रा ने कहा कि गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की खोजबीन के लिए नगर आयुक्त, बीडीओ, डीआईओएस और बीएसए को पत्र लिखा है। इन विभागों के कर्मचारियों द्वारा आसानी से ऐसे मदरसों की पहचान की जा सकती है, जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं है। ग्रामीण इलाकों में सर्वे के दौरान ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर और ग्राम प्रधान कमेटी की पड़ताल में सहयोग करेंगे। शहरों में यह काम पार्षदों के द्वारा किया जाएगा।

मजलिस शूरा से बेहतर करेंगे मदरसों की शिक्षा

दूसरी ओर वाराणसी में मजलिस शूरा का गठन किया गया है। इसे मुत्तहिदा उलेमा काउंसिल का नाम दिया गया है। इस मजलिस शूरा में शिया-सुन्नी, देवबंदी-बरेलवी और अहले हदीश आदि सभी पंथों के लिए प्रतिनिधि एक साथ बैठेंगे। यहां पर भी मदरसों के रि मॉडल को लेकर चचाएं होंगी। मदरसों में तालीम के रवैये में बदलाव करके उसे जॉब बेसिस बनाना होगा। मुख्यधारा से कटे मुस्लिम युवाओं इसके जरिए सफलता के शिखर तक पहुंचाना है।

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