पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित पुरातत्वविद् बीबी लाल नहीं रहे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि अर्पित की

Padma Vibhushan awardee archaeologist Bibi Lal passes away, PM Narendra Modi pays tribute

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ
 

नई दिल्ली। पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित पुरातत्वविद् बीबी लाल नहीं रहे। शनिवार को 101 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। पीएम ने कहा कि उन्हें एक महान बुद्धिजीवी के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने हमारे समृद्ध अतीत के साथ हमारे संबंध को गहरा किया।

बीबी लाल ने 1968 से 1972 तक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के महानिदेशक के रूप में काम किया था। उन्होंने 70 के दशक के मध्य में अयोध्या स्थल पर खुदाई के दौरान मंदिर जैसे स्तंभ पाए थे। उसी जगह अब राम मंदिर बनाया जा रहा है।

नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और ट्वीट किया, "श्री बीबी लाल एक उत्कृष्ट व्यक्तित्व थे। संस्कृति और पुरातत्व में उनका योगदान अद्वितीय है। उन्हें एक महान बुद्धिजीवी के रूप में याद किया जाएगा जिन्होंने हमारे समृद्ध अतीत के साथ हमारे जुड़ाव को गहरा किया। उनके निधन से दुखी हूं। मेरे विचार उनके परिवार और दोस्तों के साथ हैं। ओम शांति।"

चार पीढ़ियों का किया मार्गदर्शन
एएसआई के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक बी आर मणि और एएसआई के कई वरिष्ठ अधिकारी लोधी श्मशान में बीबी लाल के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। बी आर मणि ने कहा कि बीबी लाल मेरे शिक्षक थे। उन्होंने चार पीढ़ियों का मार्गदर्शन किया। मैं अपनी संवेदना व्यक्त करने के लिए उनके परिवार के सदस्यों से मिला। उनके बेटे ने मुझे बताया कि हौज खास में उनके घर पर शनिवार सुबह लगभग 8:40 बजे उनका निधन हो गया।

 

1970 में अयोध्या की खुदाई कराया था
प्रो. बीबी लाल के शिष्य प्रो. अशोक सिंह ने कहा, ''बीएचयू के पुराविद प्रोफेसर एके नारायण ने 60 के दशक में पहली बार अयोध्या में पुरातात्विक उत्खनन का काम शुरू कराया। BHU के इस प्रोजेक्ट को किसी वजह से आगे नहीं बढ़ा सका, तो उन्होंने खुदाई का काम अपने हाथ में लिया। जब वहां से प्राचीन वस्तुएं मिलीं, तो उन्होंने BHU को पुरातात्विक वस्तुओं के बारे जानकारी दी थी। इसी पुरातात्विक साक्ष्य के आधार पर कोर्ट में यह सिद्ध हो सका कि अयोध्या में मंदिर था।"

साल 1975 में अयोध्या में जब प्रो. बीबी लाल ने खुदाई की तो इस तरह मंदिर के साक्ष्य मिले थे।

साल 1975 में अयोध्या में जब प्रो. बीबी लाल ने खुदाई की तो इस तरह मंदिर के साक्ष्य मिले थे।

अयोध्या में खुदाई के दौरान मिला मंदिर का स्तंभ। इस पर देवों की आकृति खुदी हुई है।

अयोध्या में खुदाई के दौरान मिला मंदिर का स्तंभ। इस पर देवों की आकृति खुदी हुई है।

राजघाट से मिली पुरातात्विक वस्तुओं को 3500 साल पुराना बताया था
BHU में 2015 ज्ञान-प्रवाह कार्यक्रम में आए थे। उस समय राजघाट पुरातात्विक स्थली पर खुदाई चल रही थी। उसमें से जो वस्तुएं मिलीं थी, उसी का अवलोकन करने बनारस आए। BHU के प्रोफेसरों के साथ उन्होंने स्टडी कर बताया था कि राजघाट में मिली वस्तुओं का इतिहास 1500 ईसा पूर्व यानी कि आज से 3500 साल पुराना है। इसके पहले लोग ईसा पूर्व की मान्यता थी। साल 1998 में आए थे। एलडी गेस्ट हाउस में ठहरे थे।

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