आज का पंचांग 11 सितंबर 2022, रविवार आश्विन कृष्ण पक्ष, प्रतिपदा,  द्वितीया श्राद्ध,पञ्चक, सर्वार्थ सिद्धि योग 

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Newspoint24/ ज्योतिषाचार्य प. बेचन त्रिपाठी दुर्गा मंदिर , दुर्गा कुंड ,वाराणसी 

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आज का पंचांग 11 सितंबर 2022, रविवार  

11 सितंबर 2022, दिन रविवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि दोपहर 01.15 तक रहेगी। इसके बाद द्वितिया आरंभ हो जाएगी। इस दिन प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध किया जाएगा। रविवार को पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र सुबह 8 बजे तक रहेगा। इसके बाद उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र रात अंत तक रहेगा। रविवार को पहले पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र होने से चर और उसके बाद उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र होने से सुस्थिर नाम के 2 शुभ योग बनेंगे। इसके अलावा शूल और गण्ड नाम के 2 अन्य योग भी इस दिन रहेंगे। राहुकाल शाम 04:59 से से 06:31 तक रहेगा।

ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी...
रविवार को चंद्रमा मीन राशि में, बुध ग्रह कन्या में (वक्री), सूर्य और शुक्र सिंह राशि में, मंगल वृष राशि में, शनि मकर राशि में (वक्री), राहु मेष राशि में, गुरु मीन राशि में (वक्री) और केतु तुला राशि में रहेंगे। रविवार को पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए। यदि करनी पड़े तो दलिया, घी या पान खाकर ही घर से निकलें।

11 सितंबर के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- भादौ
पक्ष- शुक्ल
दिन- रविवार
ऋतु- वर्षा
नक्षत्र- पूर्वा और उत्तरा भाद्रपद
करण- कौलव और तैतिल
सूर्योदय - 05:42  प्रातः 
सूर्यास्त - 06:07 सायं 
चन्द्रोदय - सितंबर 11 06:58 सायं 
चन्द्रास्त - सितंबर 12 06:22 प्रातः 
तिथि    प्रतिपदा - 01:14 दोपहर तक उपरांत द्वितीया
नक्षत्र    पूर्व भाद्रपद - 08:02 प्रातः तक उपरांत उत्तर भाद्रपद
योग    शूल - 12:00 दोपहर तक उपरांत गण्ड
चन्द्र राशि    मीन
सूर्य राशि    सिंह
अभिजीत मुहूर्त: 11:59 दोपहर पूर्व से 12:48 दोपहर 
अमृत काल    02:24 रात्रि , सितम्बर 12 से 03:55 रात्रि , सितम्बर 12
सर्वार्थ सिद्धि योग    08:02 प्रातः से 05:43 प्रातः , सितम्बर 12

10 सितंबर का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
राहुकाल शाम 04:59 से से 06:31 तक
यम गण्ड - 12:23 दोपहर – 1:55 दोपहर
कुलिक - 3:27 दोपहर – 4:59 सायं 
दुर्मुहूर्त - 04:53 सायं  – 05:42 सायं 
वर्ज्यम् - 05:13 सायं  – 06:44 सायं 

निवास और शूल
होमाहुति    चन्द्र - 08:02 प्रातः तक उपरांत मंगल
दिशा शूल    पश्चिम
नक्षत्र शूल    दक्षिण - 08:02 प्रातः तक उपरांत 
अग्निवास    पाताल - 01:14 दोपहर तक उपरांत पृथ्वी
चन्द्र वास    उत्तर
राहु वास    उत्तर
शिववास    गौरी के साथ - 01:14 दोपहर तक उपरांत सभा में

पूर्णा तिथि है दशमी 
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कृष्ण और शुक्ल पक्ष मिलाकर कुल 16 तिथियां होती हैं। इनमें से 1 से लेकर 14 तक की तिथियां समान होती हैं। इनमें दसवीं तिथि बहुत खास होती है। दशमी तिथि पूर्णा तिथियों में से एक है। पूर्णा तिथि में किए गए सभी कार्य पूर्ण होते है। दशमी तिथि जब शनिवार को होती है, तो अमृत तिथि योग बनता है। गुरुवार के दिन पड़ने पर ये सिद्धिदा योग बनाती है। सिद्धि योग में किए गये सभी कार्य सिद्ध होते हैं। 

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