अफगानिस्तान के राजदूत की बेटी के साथ अपहर्ताओं ने की बर्बरता, कई हड्डियां टूटीं

अफगानिस्तान के राजदूत की बेटी के साथ अपहर्ताओं ने की बर्बरता, कई हड्डियां टूटीं

Newspoint 24 / newsdesk

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अफगानिस्तान के राजदूत की बेटी के अपहरण के बाद 5 घंटे तक बर्बरता की गई। वह इस दौरान दरिंदों से जूझती रही। उसके साथ जमकर मारपीट की गई, जिससे उसकी कई हड्डियां टूट गईं। फिलहाल उसकी हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है। इस घटना का स्थानीय स्तर पर भी विरोध किया जा रहा है और इसे पाकिस्तानी सरकार की नाकामी से जोड़कर देखा जा रहा है।

अफगानिस्तान के राजदूत नजीबुल्लािह अलीखिल की 26 साल की बेटी सिलसिला का पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एक पॉश बाजार से दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने 5 घंटे तक सिलसिला के साथ मारपीट की जिससे उनकी कई हड्डियां टूट गई हैं। यही नहीं अपहरणकर्ताओं ने सिलसिला को धमकी दी कि अगला नंबर उनके कम्युनिस्ट पिता का है।

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक सिलसिला के सिर पर चोट, कलाइयों और पैरों पर रस्सी से बांधे जाने के निशान हैं। करीब 5 घंटे बाद सिलसिला के हाथ और पैर बांधकर उन्हें इस्लामाबाद की एक सड़क पर फेंक दिया गया। उनके दुपट्टे के साथ एक टिश्यू पेपर और 50 रुपये का नोट बांधा गया। इसमें लिखा था कि कम्युनिस्ट अगला नंबर तेरा है। सिलसिला इस्लामाबाद के ब्लू एरिया में खरीददारी करने गई थीं। वह अपने छोटे भाई के लिए एक गिफ्ट खरीदना चाहती थीं। इस खौफनाक घटना के सामने आने के बाद अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी राजदूत को तलब करके शिकायत दर्ज कराई।

पाकिस्तान में अफगान के राजदूत नजीबुल्लािह ने ट्वीट कर कहा कि उनकी बेटी का अपहरण करके क्रूरतापूर्वक पीटा गया। अल्लाह ने उसे बचा लिया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी अब बेहतर महसूस कर रही हैं। माना जा रहा है कि इस हमले के पीछे तालिबान का हाथ है लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। तालिबान इन दिनों अफगानिस्तान में भीषण हमले कर रहा है और सरकारी अधिकारियों तथा सैन्य कमांडरों को निशाना बना रहा है। इस पूरे काम में उसे पाकिस्तान और उसकी सेना की भरपूर मदद मिल रही है। फिलहाल इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने मामले की तत्काल जांच की मांग की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें पांच से अधिक घंटे तक बंधक बनाए रखा गया और इस्लामाबाद पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर आई। पाकिस्तान ने हमले को विचलित करने वाला बताया और कहा कि इस्लामाबाद में अफगान राजदूत के आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस जघन्य कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए पाकिस्तान में अफगान राजदूतों और उनके परिवारों की सुरक्षा के प्रति चिंता जताई।

पाकिस्तान की प्रमुख महिला सांसद शेरी रहमान ने शुक्रवार को हुई इस घटना की निंदा की और ट्वीट में कहा कि अफगानिस्तान के राजदूत की बेटी पाकिस्तान में राजनयिक सुरक्षा की हकदार हैं। पाकिस्तान के जाने माने पत्रकार हामिद मीर ने ट्वीट कर प्रश्न किया कि इस्लामाबाद में इस प्रकार की घटना कैसे हो सकती है। उन्होंने कहा कि शहर में लगे महंगे कैमरों का काम ही क्या है फिर? मीर ने कहा कि पाकिस्तानी पत्रकारों और यहां तक कि एक पुलिस अधिकारी को भी इस्लामाबाद में अगवा किया जा चुका है। इस संबंध में कुछ लोगों को ही गिरफ्तार किया गया था।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘राजनयिक मिशनों, राजनयिकों और उनके परिवारों की रक्षा और सुरक्षा बेहद अहम है। इस प्रकार की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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