आलू किसान: पैदा अठन्नी खर्चा रुपैया, लागत लगाई 25 हजार, पैदावार हुई 12 हजार की

आलू किसान: पैदा अठन्नी खर्चा रुपैया, लागत लगाई 25 हजार, पैदावार हुई 12 हजार की

Newspoint24/ संवाददाता /एजेंसी इनपुट के साथ 

फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में आलू किसान इस समय पैदा अठन्नी खर्चा रुपैया वाली कहावत चरितार्थ कर रहे हैं।

एशिया प्रसिद्ध आलू मंडी सातनपुर में शनिवार को आए नए आलू का भाव 700रुपये प्रति पैकेट खुला है। जिससे आलू की अगेती फसल करने वाले किसानों की आधी कीमत भी नहीं निकल रही है।

गौरतलब है कि फर्रुखाबाद जिले में इस बार 2000 हेक्टेयर भूमि पर आलू की अगेती फसल बोई गई थी। आलू बोने के तुरंत बाद पानी बरस जाने की वजह से पैदावार न के बराबर हो रही है।

तहसील कायमगंज के गांव रजोर निवासी सोनेलाल आज मंडी समिति में 19 पैकेट नया आलू लेकर आये। उनका आलू 700 रुपये प्रति पैकेट विका। आलू किसान सोने लाल ने बताया कि उन्होंने सारे साढ़े तीन बीघा खेत में आलू की फसल तैयार की थी। पानी बरस जाने के बाद अधिकांश आलू का बीज ग़ल गया। जिससे साढ़े तीन बीघा खेत में 19 पैकेट आलू पैदा हुआ।

सोनेलाल का कहना है कि उन्होंने आलू की बुवाई करते समय 25 हजार रुपये लागत लगाया था। भाव, उत्पादन घटने की वजह से केवल 12 हजार रुपये का आलू पैदा हुआ। 13 हजार रुपये लागत में भी नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि आलू की अगेती फसल करने वाले किसानों का गणित मंदी और कम पैदावार होने की वजह से बिगड़ गया है।

इस संबंध में आलू आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष रिंकू वर्मा बताते हैं की इस वर्ष आलू की अगेती फसल में पैदावार कम हो रही है। उनका कहना है कि नया आलू मंडी समिति में आना शुरू हो गया है। 22 नवंबर को नवीन शास्त्र का शुभारंभ किया जाएगा।

Share this story