जौनपुर : 3 सगी बहनों ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की 

Jaunpur: 3 real sisters commit suicide by jumping in front of train

अहिरौली गांव के प्रधान राकेश पटेल ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं है।

किसी तरह परिवार का गुजारा होता था। मजदूरी के पैसों से किसी तरह घर का

खर्च चलता था। बच्चियां मजदूरी कर मां का भी भरण पोषण करती थीं।

Newspoint24/ एजेंसी इनपुट के साथ 


जौनपुर। जनपद के बदलापुर में रुपयों तंगी से परेशान होकर 3 सगी बहनों ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। अपने घर सर तीनों बहन आत्महत्या का मन बनाकर बिना किसी को कुछ बताए निकली थीं। ट्रेन ड्राइवर ने गेटमैन को बताया कि तीनों रेलवे ट्रैक के किनारे बैठी थीं। अचानक ट्रेन के आगे आकर कूद गईं।

परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी 
अहिरौली गांव के प्रधान राकेश पटेल ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं है। किसी तरह परिवार का गुजारा होता था। मजदूरी के पैसों से किसी तरह घर का खर्च चलता था। बच्चियां मजदूरी कर मां का भी भरण पोषण करती थीं। परिवार आर्थिक तंगहाली से जूझ रहा था। भाई भी मजदूरी करके दो पैसे कमा लेता था। लड़कियों ने इतना बड़ा कदम उठा लिया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तीनों बहनों ने एक साथ जान दे दी। उन्होंने ये भी बताया कि राजेंद्र गौतम की पांच बेटी रेनू, ज्योति, प्रीति(20) आरती(16) काजल(11) और एक बेटा गणेश(18) है। राजेंद्र गौतम की 9 साल पहले मौत हो गई थी। इनकी पत्नी आशा देवी देख नहीं सकती हैं।

फोन बजने हुई लड़कियों की पहचान 
 रेलवे फाटक से कुछ दूरी पर ही हादसा हुआ। सबसे पहले तीनों शव ट्रेन के ड्राइवर ने देखे, उसने गेटमैन को बताया। गेटमैन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के आने से पहले ही गांव के लोग इकट्ठा हो गए। पुलिस लोगों से पूछताछ कर रही थी कि तभी लड़कियों के पास पड़ा फोन बज उठा।

पुलिस ने रिसीव किया तो उधर से एक व्यक्ति ने उनके बारे में पूछा। तब जाकर लड़कियों के गांव का पता चल सका। परिवार और गांव के लोग गुरुवार देर शाम से लड़कियों की तलाश कर रहे थे। फोन करने पर जवाब भी नहीं मिल रहा था।

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