हिन्दू एकता महाकुंभ से देश-दुनिया में बढेगी तपोभूमि चित्रकूट की प्रतिष्ठा-रविशंकर जी महाराज

Newspoint24/ संवाददाता /एजेंसी इनपुट के साथ

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चित्रकूट । चित्रकूट  की तपोभूमि चित्रकूट में 14 दिसम्बर से प्रस्तावित तीन दिवसीय हिन्दू एकता महाकुंभ के ऐतिहासिक कार्यक्रम को सफल बनाने की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। देश भर से साधु-संतों के आगमन की सूचना प्राप्त हो रही है। उनके आतिथ्य के लिए धर्म नगरी चित्रकूट को तैयार किया जा रहा है।

हिन्दू एकता महाकुंभ के संचालन का केन्द्र ‘श्रीतुलसी पीठ’ इस समय राष्ट्रीय गतिविधियों का केंद्र बन गया है। एक से एक गणमान्य व्यक्ति इस आयोजन में अपना योगदान करने के लिए तत्परता दिखा रहे हैं। इस क्रम में मंगलवार को श्री रविशंकर जी महाराज ‘रावतपुरा सरकार’ चित्रकूट, तुलसीपीठ पधारे।

उन्होंने जगद्गुरू रामभद्राचार्य से कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर लम्बी मंत्रणा की। रावतपुरा सरकार ने अपने सभी संसाधनों को महाकुम्भ की तैयारियों में समर्पित कर दिया है।

हिन्दू एकता महाकुम्भ के संयोजक आचार्य रामचन्द्र दास ने आश्रम में उनका स्वागत किया तथा रावतपुरा परिवार के सभी भौतिक तथा मानव संसाधनों को महाकुम्भ की तैयारियों में लगाने का आग्रह किया। सेवा भाव के लिए प्रतिष्ठित रावतपुरा परिवार के सभी सदस्यों को उनके प्रमुख के माध्यम से आमंत्रित किया।

इसके प्रत्युत्तर में रावतपुरा सरकार ने देश के सबसे महान संतों को एक मंच पर एकत्रित करने तथा उनको सुनने के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के आतिथ्य का बीड़ा उठाने के लिए तुलसी पीठ और जगद्गुरू रामभद्राचार्य महाराज के प्रति प्रशंसा व्यक्त करते हुए इसमें सहभाग करने का वचन दिया।

उन्होने जगद्गुरू के सामाजिक समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि जगद्गुरू के सभी कदम चित्रकूट की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले होते हैं।

महाराज रावतपुरा सरकार ने कार्यक्रम स्थल का भी दौरा किया। उन्होंने धार्मिक अनुष्ठान में चित्रकूट के सभी आध्यात्मिक समूहों को शामिल करने की सलाह दी। साथ ही इतने बड़े आयोजन में सभी को यथोचित सम्मान प्रदान करने के तरीकों को अपनाने का आग्रह किया।

जगद्गुरू के शिष्य और गुजरात के सामाजिक कार्यकर्ता अशोक बाहेती जी ने रावतपुरा सरकार महाराज को प्रसाद तथा स्मृति चिन्ह प्रदान किया। इस दौरान राज्यपाल का स्वागत करने के लिए जगद्गुरू रामभद्राचार्य विश्वविद्यालय से डॉ मनोज पाण्डेय, आचार्य हिमांशु त्रिपाठी, अभिषेक पाण्डेय, आचार्य मदनमोहन दास इत्यादि उपस्थित रहें।

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