कृषि कानून वापस वापसी पर बोले अखिलेश जिन्होंने माफी मांगी उन्हें हमेशा के लिए राजनीति भी छोड़ देनी चाहिए

Akhilesh said on the return of agricultural law, who apologized, he should also leave politics forever

यह अहंकार की हार और किसानों की, गणतंत्र की जीत है। लोग आगामी चुनावों में केंद्र

सरकार को माफ नहीं करेंगे। यह झूठी माफी किसी काम नहीं आएगी। जिन्होंने

माफी मांगी उन्हें हमेशा के लिए राजनीति भी छोड़ देनी चाहिए।

Newspoint24/ एजेंसी इनपुट के साथ 

लखनऊ। तीन कृषि कानून की वापसी के फैसले को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अहंकार की हार बताते हुये समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश समेत देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में हार के डर से केन्द्र सरकार ने मजबूरी में यह कदम उठाया है। 

अखिलेश ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि  अमीरों की भाजपा ने भूमिअधिग्रहण व काले क़ानूनों से ग़रीबों-किसानों को ठगना चाहा। कील लगाई, बाल खींचते कार्टून बनाए, जीप चढ़ाई लेकिन सपा की पूर्वांचल की विजय यात्रा के जन समर्थन से डरकर काले-क़ानून वापस ले ही लिए।

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अखिलेश ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चुनाव में हार के डर से कृषि कानून वापस लेने वाली सरकार से किसानो को सावधान रहना होगा। क्या गारंटी है कि चुनाव के बाद वह एक बार फिर से इन कानूनो काे अन्नदाताओं पर थोप दे। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज महोबा जा रहे है जहां भाजपा के कार्यकाल में किसानो ने सबसे ज्यादा आत्महत्यायें की।


 


हमेशा के लिए राजनीति भी छोड़ देनी चाहिए

पिछले एक साल से किसान आंदोलन की वजह बने तीनों नए कृषि कानून केंद्र सरकार ने वापस ले लिए हैं। प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों के प्रयासों की आखिरकार जीत हुई है। यह अहंकार की हार और किसानों की, गणतंत्र की जीत है। लोग आगामी चुनावों में केंद्र सरकार को माफ नहीं करेंगे। यह झूठी माफी किसी काम नहीं आएगी। जिन्होंने माफी मांगी उन्हें हमेशा के लिए राजनीति भी छोड़ देनी चाहिए।

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