पश्चिम रेलवे ने इस वित्तीय वर्ष में माल ढुलाई से 4633 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया

Newspoint24 / newsdesk

मुंबई । कोविड-19 महामारी की कठिनतम चुनौतियों के बावजूद पश्चिम रेलवे ने पिछले वर्ष की तुलना में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान माल ढुलाई में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है। पश्चिम रेलवे ने इस वर्ष अभी तक लगभग 4633 करोड़ रु. का राजस्व प्राप्त किया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 22% अधिक है। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक आलोक कंसल के नेतृत्व और मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप यह उपलब्धि सम्भव हुई है। इसी प्रेरणा के साथ आगे बढ़ते हुए, पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने भी अब किसान रेल के परिचालन की शुरुआत कर दी है। इस मंडल द्वारा स्थानीय किसानों के लिए पहली किसान रेल हाल ही में गुजरात के हिम्मतनगर से बिहार के बापूधाम मोतिहारी तक चलाई गई।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी सुमित ठाकुर के अनुसार, अहमदाबाद मंडल ने अपनी पहली किसान रेल को लगभग 248 टन खाद्य सामग्री जैसे खाद्यान्न और आलू आदि की पहली खेप के साथ चलाया तथा 10.85 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया, जिस पर 50% सब्सिडी राशि 5.42 लाख रु. की व्यवस्था रेलवे की ओर से की गई। इस वर्ष 1 अप्रैल से 12 सितम्बर, 2021 तक की अवधि के दौरान, पश्चिम रेलवे ने 21,000 टन से अधिक भार ढोने के लिए विभिन्न मंडलों से 82 किसान रेल ट्रेनें चलाई हैं। पश्चिम रेलवे के ही रतलाम मंडल को एक अन्य उपलब्धि के अंतर्गत पहली बार ऑटोमोबाइल लोडिंग का ठेका मिला है।

जॉन डीरे ऑटोमोबाइल कंपनी ने अपने ट्रैक्टरों के परिवहन के लिए रेलवे के साथ एक समझौता किया है और इसके तहत पहली खेप हाल ही में देवास स्टेशन से बाधगढ़ (उड़ीसा) के लिए भेजी गई। पहले बैच में 25 एनएमजी में 160 ट्रैक्टर लोड किए गए, जिनसे लगभग 11.35 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके अलावा, रेलवे को इस कंपनी से ट्रैक्टर लोडिंग के लिए प्रति माह 2-3 रेक की मांग प्राप्त होगी। यह रतलाम मंडल के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि यहां पहली बार रेलवे को ऑटोमोबाइल लोडिंग के लिए नया ग्राहक मिला है।

ठाकुर ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष के दौरान 12 सितम्बर, 2021 तक पश्चिम रेलवे को माल ढुलाई से 4632.75 करोड़ रु. का राजस्व प्राप्त हुआ है। माल ढुलाई को बढ़ाने के उद्देश्य से, ''हंगरी फॉर कार्गो'' की आदर्श संकल्पना को अपनाया गया है, जिसमें परिवहन के अन्य साधनों के मुकाबले रेल की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। 1 अप्रैल, 2021 से अब तक की अवधि के दौरान, पश्चिम रेलवे ने अपनी 326 पार्सल विशेष ट्रेनों के माध्यम से 1.27 लाख टन से अधिक वजन वाली वस्तुओं का परिवहन किया है, जिनमें कृषि उत्पाद, दवाएं, चिकित्सा उपकरण, मछली, दूध आदि मुख्य रूप से शामिल हैं। इस परिवहन के माध्यम से उत्पन्न राजस्व लगभग 44.15 करोड़ रु. रहा है। पश्चिम रेलवे द्वारा 83 मिल्क स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं, जिनमें 58 हजार टन से अधिक के भार के लिए वैगनों का 100% सदुपयोग हुआ।

इसी तरह 98 कोविड-19 स्पेशल पार्सल ट्रेनें लगभग 18,200 टन आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए चलाई गईं। इसके अलावा, लगभग 29,800 टन ले जाने वाले 63 इंडेंटेड रेक भी 100% उपयोग के साथ चलाए गए। ठाकुर ने बताया कि 1 अप्रैल, 2021 से 12 सितम्बर की अवधि के दौरान, पश्चिम रेलवे द्वारा कुल 17,251 रेक मालगाड़ियां चलाई गई हैं और पिछले वर्ष की इसी अवधि में हुई 30.57 मिलियन टन की तुलना में इस वित्तीय वर्ष में 37.50 मिलियन टन आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई की गई है। 35,907 मालगाड़ियों को अन्य क्षेत्रीय रेलों के साथ इंटरचेंज किया गया, जिनमें से 17,986 ट्रेनों को सौंप दिया गया और 17,921 ट्रेनों को विभिन्न इंटरचेंज बिंदुओं पर टेक ओवर किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार

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