वाराणसी : एक लाख के इनामी बदमाश दीपक वर्मा उर्फ गुड्‌डू को यूपी एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया

वाराणसी : एक लाख के इनामी बदमाश दीपक वर्मा उर्फ गुड्‌डू को यूपी एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया

newspoint 24 / newsdesk / एजेंसी इनपुट के साथ 

वाराणसी। एक लाख के इनामी बदमाश दीपक वर्मा उर्फ गुड्‌डू को यूपी एसटीएफ ने
 मुठभेड़ में मार गिराया। मिली जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ चौबेपुर थाना क्षेत्र के बरियासनपुर गांव के पास दोपहर पौने दो बजे के आस पास हुई। दीपक वर्मा लूट, डॉक्टरों और व्यापारियों से रंगदारी वसूलने के साथ भाड़े पर हत्या के लिए कुख्यात था। मुन्ना बजरंगी गिरोह के शूटर दीपक को पुलिस साल 2015 से तलाश रही थी। उस पर 23 मुकदमे दर्ज थे।

साल 2008 में पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने दीपक के सगे मामा लालू वर्मा को नोएडा में मार गिराया था। मामा की राह पर निकले दीपक का उसके जैसा ही अंजाम हुआ। मुठभेड़ के दौरान दीपक का एक साथी फरार हो गया। उसकी तलाश जारी है।

डिप्टी एसपी शैलेश प्रताप सिंह ने बताया कि सोमवार की दोपहर दीपक के चौबेपुर थाना अंतर्गत बरियासनपुर गांव में मौजूद होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने घेरेबंदी की तो दीपक और उसके साथी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दीपक ढेर हो गया और उसका साथी भाग निकला। घटनास्थल से भागे हुए दीपक के साथी की तलाश में एसटीएफ की कांबिंग जारी है। दीपक के पास से प्रतिबंधित बोर 9 एमएम की पिस्टल, रिवॉल्वर, कारतूस और बाइक बरामद हुई है।

दीपक वर्मा के खिलाफ लूट और हत्या सहित अन्य आरोपों में वाराणसी में 26 मुकदमे दर्ज थे। लूट के आरोप में पहली बार दीपक को चेतगंज थाने की पुलिस ने 1 जुलाई 2011 को जेल भेजा था। जमानत पर दीपक छूट कर आया तो साल 2011 में ही सिगरा क्षेत्र में फिर लूट की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद जरायम जगत में उसकी पैठ बढ़ती ही गई।

2015 में लोहता क्षेत्र में औरंगाबाद निवासी गोलू यादव की हत्या में दीपक का नाम आया। नवंबर 2015 में वाराणसी के भाजपा पार्षद शिव सेठ की हत्या में दीपक वर्मा का नाम आया और फिर उसके बाद वह पुलिस के हत्थे कभी नहीं चढ़ा। इसके बाद दीपक वर्मा का नाम जून 2016 में प्रयागराज स्थित नैनी सेंट्रल जेल के सामने हुए दोहरे हत्याकांड में सामने आया था।

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