यूपी: योगी बोले- बर्ड फ्लू की आशंका को लेकर पूरी तरह बरते सतर्कता

Newspoint24.com/newsdesk

लखनऊ। कोरोना महामारी के बाद अब देश के कई राज्य बर्ड फ्लू की चपेट में हैं। इसके मद्देनजर योगी सरकार भी बेहद अलर्ट हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर इसे लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा है।  मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग को राज्य में पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है, जिससे किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। उन्होंने कहा है कि देश के कुछ राज्यों से बर्ड फ्लू को लेकर आ रही आशंकाओं के मद्देनजर पूरी तरह से सतर्कता बरती जाए। 


प्रदेश से सटे दूसरे राज्यों में पक्षियों में फैले बर्ड फ्लू के चलते यहां भी सतर्कता बढ़ायी जा रही है। हालांकि अभी तक उत्तर प्रदेश से किसी प्रकार के पक्षियों के मरने का कोई मामला सामने नहीं आया है। लेकिन, सरकार पहले से अलर्ट हो गई है। पशुपालन विभाग के मुताबिक किसी भी जनपद से अभी ऐसा कोई मामला रिपोर्ट नहीं हुआ है। हालांकि प्रवासी पक्षियों में बर्ड फ्लू मिलने के कारण स्थिति चिन्ताजनक जरूर है। पशुपालन विभाग के मुताबिक लगातार सैम्पलिंग करायी जाती है। किसी भी बीमारी के लिए लगातार मॉनीटरिंग जारी रहती है। दरअसल राजस्थान, मध्य प्रदेश के बाद हिमाचल प्रदेश और केरल में भी बर्ड फ्लू का कहर है। इन राज्यों में अब तक कई पक्षियों की मौत हो चुकी है। इसके बाद से यहां की राज्य सरकारों ने अलर्ट जारी कर दिया है। केरल में बर्ड फ्लू को राज्य विशिष्ट आपदा घोषित कर दिया गया है। वहीं बर्ड फ्लू के कारण बिहार, झारखंड, उत्तराखंड और कर्नाटक में भी सतर्कता बरती जा रही है। 

यह बीमारी सिर्फ पक्षी ही नहीं बल्कि इंसानों के लिए भी घातक है। इस बीमारी से संक्रमित पक्षियों के सम्पर्क में आने वाले जानवर और इंसान आसानी से इससे संक्रमित हो जाते हैं। इससे मौत भी हो सकती है।   बर्ड फ्लू को एवियन इंफ्लूएंजा के नाम से भी जाना जाता है। यह एक प्रकार का वायरल इंफेक्शन होता है। बर्ड फ्लू कई प्रकार हैं, लेकिन एच5एन1 पहला ऐसा बर्ड फ्लू वायरस था, जिसने पहली बार इंसान को संक्रमित किया था। यह बीमारी संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह के लार या आंखों से निकलने वाले पानी के संपर्क में आने से इंसानों में होती है। मुर्गी पालन से जुड़े लोगों को बर्ड फ्लू का खतरा सबसे अधिक होता है। इसके अलावा संक्रमित पक्षियों के सम्पर्क में आने वाले लोगों, संक्रमित जगहों पर जाने वाले लोगों, कच्चा या अधपका चिकन या अंडा खाने वाले लोगों को भी इससे संक्रमित होने का खतरा रहता है। 

चिकित्सकों के मुताबिक बर्ड फ्लू के लक्षणों में आमतौर पर सूखी खांसी, गले में खराश, बंद नाक या नाक बहना, थकान, सिरदर्द, ठंड लगना, तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, नाक से खून बहना, सीने में दर्द आदि हैं। बर्ड फ्लू का प्रकोप होने पर चिकन या अंडा खाने से बचेंसमय-समय पर अपने हाथ साबुन-पानी से धोते रहें। पक्षियों से दूर रहें। ऐसी जगहों पर जाने से बचें, जहां बर्ड फ्लू का प्रकोप है। इंफ्लूएंजा का टीका लगवाने के लिए अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें। 

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