यूपी : विश्वविद्यालय शत-प्रतिशत कोविड टीकाकरण में भागीदारी सुनिश्चत करें: आनंदीबेन

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालयों के शत-प्रतिशत कोविड टीकाकरण में भागीदारी सुनिश्चत करने पर बल देते हुए शैक्षणिक पदो पर नियुक्तियों में पारदर्शिता बरतने पर बल दिया। श्रीमती पटेल आज सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु सिद्धार्थ नगर तथा डा0 एपीजे अब्दुल कलाम प्राविघिक विश्वविद्यालय लखनऊ की समीक्षा बैठक कर नई शिक्षा नीति, विश्वविद्यालयों में अकादमिक सत्र शुरू किये जाने उपाधियों का समयबद्ध वितरण, शैक्षणिक पदाें पर पूर्ण पारदर्शिता के साथ भर्ती, आडिट आपत्तियों, समयबद्ध निस्तारण, निर्माण कार्यों, महिला सशक्तीकरण क्रिया-कलापों तथा विश्वविद्यालयों में टीकाकरण आदि विषयों पर आज राजभवन से ऑनलाइन विस्तृत विचार विमर्श किया।

राज्यपाल ने शैक्षिक सत्र पर चर्चा करते हुये सत्र 2020-21 में चरणबद्ध तरीके से शासन के निर्देशानुसार परीक्षा करानें अथवा अगले वर्ष प्रमोशन देने के निर्देश दिये उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय आगामी शैक्षिक सत्र 2021-22 के लिये समय सारणी बनाकर शैक्षिक गतिविधियां चलायें साथ ही नयी शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन हेतु यथाशीघ्र अपने सुझाव प्रेेषित करें ताकि उस पर सार्थक विचार किया जा सके। राज्यपाल ने रिक्त शैक्षणिक पदो पर भर्ती के लिए नई एक समान चयन प्रक्रिया के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता के साथ कार्य करने के निर्देश दिये और कहा कि यदि जरूरी हो तो पद पुनः विज्ञापित किये जायें।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने वित्तीय अभिलेखों को नियमानुसार रखे तथा ऑडिट आपत्तियों का समयबद्ध निस्तारण करें। उन्होंने निर्देश दिये कि हमेशा अपनी कैश बुक तथा बैलेंस सीट अपडेट रखें। उन्होंने विश्वविद्यालय में हो रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुये चरणबद्ध तरीके से यथाशीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिये।

श्रीमती पटेल ने कहा कि दीक्षांत समारोह के उपरान्त समस्त डिग्री छात्र-छात्राओं को तत्काल उपलब्ध करा दी जायें उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय उपाधियां सम्बद्ध महाविद्यालय को तो दे देते हैं ,लेकिन उनके द्वारा समय से वितरण कार्य सम्पन्न नहीं किया जाता है अतः उचित होगा कि इस कार्य के लिए डिजिटल लाकर तैयार किया जायें जिसमे छात्रों की समस्त सूचनायें दर्ज हो।

राज्यपाल ने महिला सशक्तीकरण पर चर्चा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में स्थाापित महिला अध्ययन केन्द्र महिला सशक्तीकरण, स्वावलम्बन, स्वास्थ्य, शिक्षा संस्कार पोषण आदि के साथ-साथ समाज में व्याप्त विभिन्न सामाजिक कुरीतियों जैसे दहेज प्रथा लिंग भेद, बाल-विवाह आदि के प्रति भी जागरूकता कार्यक्रम चलायें ताकि इन्हे समाप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि अभी हुये पंचायती चुनाव में बड़ी संख्या में महिला प्रधान चुनकर आयी है उनमें आत्मविश्वास पैदा करने के लिये तथा हिचक समाप्त करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलायें साथ ही उन्हें सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दें ताकि वे अपनी ग्राम सभा में योजनाओं को लागू करने तथा शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने के साथ-साथ उसे कुपोषण व क्षयरोग मुक्त ग्राम सभा बना सकें।

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