यूपी: फर्रुखाबाद जिले से कोरोना को भगाने के लिए हुआ पूर्वाभ्यास

Newspoint24.com/newsdesk

फर्रुखाबाद जनपद में मंगलवार को प्रशिक्षित वैक्सीनेटर्स के माध्यम से कोविड वैक्सीन का ड्राई रन (मॉक ड्रिल) शहरी क्षेत्र में डॉ राममनोहर लोहिया महिला और पुरुष चिकित्सालय, सिविल अस्पताल लिंजीगंज और ग्रामीण क्षेत्र में सीएचसी नवावगंज,बरौन और मोहम्दाबाद में किया गया। ड्राई रन के दौरान किसी को भी कोई वैक्सीन नहीं लगाई गई केवल वैक्सीन लगाने का मॉक ड्रिल किया गया। जिससे जब वैक्सीनेशन किया जाए तो कोई भी त्रुटि न रह जाये। यह कहना मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वंदना सिंह का है। 

सीएमओ ने डॉ राममनोहर लोहिया महिला और पुरुष चिकित्सालय का निरीक्षण करते हुए बताया कि इस मॉक ड्रिल में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ-साथ जिला व पुलिस प्रशासन की टीमें व इस आयोजन के लिए चिन्हित सेंटरों की टीमें भी शामिल हुईं। ड्राई रन सही प्रकार से हो और कहीं किसी प्रकार की चूक न हो इसके लिए पहले वर्कशॉप जिले और सीएचसी पर कराई जा चुकी है। इसके अलावा कोल्ड चेन से लेकर स्टोरेज व वैक्सीन के मूवमेंट तक की पल-पल जानकारी रखी जाएगी। जब वैक्सीनेशन शुरू हो तो वह पूरी तरह से त्रुटि रहित रहे। उन्होंने कहा टीका लगने के बाद भी सतर्कता जरुरी है। 

सीएमओ ने बताया कि मोहम्दाबाद सीएचसी पर उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजीव शाक्य, नवावगंज पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ दलवीर सिंह, बरौन सीएचसी और सिविल अस्पताल लिंजिगंज का निरीक्षण जिला सर्विलांस अधिकारी शिवानी भंडारी द्वारा किया गया। इस दौरान मौजूद जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ प्रभात वर्मा ने बताया कि ड्राई रन मुख्य रूप से पांच चरणों में हुआ।पहले चरण में वैक्सीन लगवाने वाले का आइडेंटिफिकेशन होगा। उसके बाद उसके लिए वैक्सिन की वायल लगाने वाले स्वास्थ्यकर्मी को दी जाएगी। फिर वैक्सीन लगवाने वाले की आईडी लॉग इन की जाएगी और उसके बाद उन्हें वैक्सीन लगाई जाएगी। वैक्सीनेशन के बाद वैक्सीन लगवाने वाले को एक वैक्सीनेशन कार्ड दिया जाएगा। इस कार्ड में जिस दिन वैक्सीनेशन हुआ, उस दिन का विवरण और अगले 28वें दिन लगने वाली दूसरी डोज़ की तारीख अंकित होगी। वैक्सीनेशन के बाद प्रत्येक व्यक्ति को 30 मिनट तक ऑब्जरवेशन में रखा जाएगा। 

डॉ. वर्मा ने बताया कि ड्राई रन के दौरान बायोमेडिकल वेस्ट का निष्पादन करने से लेकर वैक्सीन लगवाने वाले व्यक्ति को ऑब्जरर्वेशन कमरे में रखने के बाद वैक्सीन का प्रतिकूल प्रभाव देखने और उसके सम्भावित इलाज पर भी नजर रखी जाएगी। इसके अलावा हर वैक्सीनेशन सेन्टर में तीन कमरे होंगे। इसमें पहला रूम वेटिंग रूम जिसमें लाभार्थी का वेरिफिकेशन करने के बाद उसे बैठाया जाएगा और उसका कोविड पोर्टल पर डाटा अपलोड किया जाएगा। दूसरा रूम वैक्सीनेशन रूम होगा, जहां पर संबंधित व्यक्ति को टीका लगाया जाएगा।

ऑब्जरवेशन में रखे गए लोगों पर नजर रखने के लिए तीसरे रूम में स्पेशलिस्ट टीम तैनात रहेगी, जिसमें डाक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ रहेंगे। जो एडवर्स इफेक्ट फालोइंग इम्युनाइजेशन किट के साथ मुस्तैद रहेंगे। वैक्सीनेशन के 30 मिनट बाद ही टीका लगवाने वाले व्यक्ति को घर भेजा जाएगा। इस दौरान सीएचसी मोहम्दाबाद के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ सौरभ कटियार, लोहिया महिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ कैलाश दुल्हानी सहित स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।

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