यूपी: अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष विवादित संत : किन्नर अखाड़ा

Newspoint24.com/newsdesk

प्रयागराज। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष सनातन धर्म को मजबूत करने और धर्म परिवर्तन को रोकने एवं गरीबों की मदद के लिये आगे आयें और विवादों से बचें। संत-महात्मा को विवादों से बचना चाहिए। वही दूसरी ओर अखाड़ा परिषद के महामंत्री जूना अखाड़ा के संरक्षक महंत हरि गिरि हैं जो बहुत अच्छे संत है। वह सनातन धर्म को मजबूत कर रहे हैं और किसी भी विवाद में नहीं पड़ते।

 यह बातें अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि के बयान के बाद शनिवार को किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने दिल्ली से अपने बयान में कहा है। उन्होंने कहा है कि प्रयागराज कुंभ में हमें मान्यता दी गई थी। इसके बावजूद कुछ पदाधिकारी अनर्गल बोलते रहे हैं। किन्नर अखाड़ा किसी का मोहताज नहीं है। हरिद्वार कुंभ में उत्तराखंड सरकार समुचित सुविधाएं किन्नर अखाड़ा को देगी और वहां शिविर लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि एक विवादित व्यक्ति हैं और वह सदैव विवादों में रहते हैं। कभी अपने बयान से तो कभी अपने काम से।

आचार्य महामण्डलेश्वर ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष को रचनात्मक कार्यों में अपनी ऊर्जा लगाने की सलाह दी है। कहा कि किन्नर उप देवता की श्रेणी में आते है उनको किसी के मान्यता की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि किन्नर अखाड़ा और जूना अखाड़ा का आपसी समझौता है। हम लोग एक साथ हैं। कहा कि प्रयागराज में वर्ष 2019 में कुंभ मेला में किन्नर अखाड़ा ने शाही स्नान किया था। क्योंकि कुंभ मेले में शाही स्नान की अनुमति सभी को नहीं मिलती है। कुंभ के पूर्व मान्यता देने पर विवाद भी उठा था, लेकिन बाद में सब कुछ सामान्य हो गया और शाही स्नान की अनुमति किन्नरों को मिल गई। 

उल्लेखनीय है कि प्रयागराज में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में किन्नर अखाड़ा की मान्यता को लेकर प्रश्न उठाए गए थे। बैठक में तेरह अखाड़ों के प्रतिनिधि शामिल थे। इसमें अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि के बयान से विवाद उत्पन्न हो गया। इस विववाद ने किन्नर अखाड़ा को अखाड़ा परिषद से मतों में फर्क उत्पन्न कर दिया है। आचार्य महामण्डलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के बयान के बाद से किन्नर अखाड़ा के सन्यासियों में आक्रोश व्याप्त हो गया है।

Share this story