यूपी पंचायत चुनाव : कानपुर में पहली बार पार्षद के बाद ग्राम प्रधान बनी ' किन्नर ' काजल किरन 

यूपी पंचायत चुनाव : कानपुर में पहली बार पार्षद के बाद ग्राम प्रधान बनी ' किन्नर ' काजल किरन

Newspoint24 / newsdesk 


महाराजपुर सीट से निर्दलीय लड़ चुकी हैं विधानसभा का चुनाव 

कानपुर। पंचायत चुनाव को लेकर ग्रामीणों के बीच सबसे अधिक दिलचस्पी ग्राम पंचायत प्रधान पद के लिए है और सभी की निगाहें रविवार को हो रही मतगणना पर रही। यहां पर बिकरु और सेन पश्चिम पारा का चुनाव सभी के लिए दिलचस्प रहा और सभी लोग यह देखना चाहते थे कि जीत का सेहरा किसके सिर पर बंधता है। सेन पश्चिम पारा में किन्नर काजल किरण प्रधान बनी जो पहले महानगर से पार्षद भी रह चुकी हैं। वहीं देश और दुनिया में चर्चित रहे बिकरु में मधु ने जीत दर्ज की है। इस प्रकार काजल किरण पहली ऐसी किन्नर प्रधान बनीं जो पार्षद भी रह चुकी हैं। 

बिधनू ब्लॉक के सेन पश्चिम पारा की रहने वाली किन्नर काजल किरन करीब 40 वर्षों से कानपुर महानगर में रह रही थीं। वर्ष 2006 में वह पशुपति नगर वार्ड 48 (वर्तमान वार्ड 66) से भारी मतों से जीतकर पार्षद बनीं थी और क्षेत्र का विकास भी कराया था। वर्ष 2012 में उन्होंने महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। चुनाव में उन्हें जीत जरुर नहीं मिली, लेकिन जनता ने सम्मानजक मत दिये थे। शहर में पार्षद के दौरान कराए गये उनके विकास कार्यों की आज भी चर्चा होती है। लेकिन एक वर्ष पहले सेन पश्चिम पारा से फत्तेपुर गोही रोड पर मकान भी बनवा लिया है, जिसके बाद से वह स्थाई रुप से गांव में ही रह रही हैं और गांव के विकास की ठान ली। इसी के तहत चार अप्रैल को उन्होंने बिधनू ब्लॉक में ग्राम पंचायत प्रधान पद के लिए नामांकन कराया और रविवार को हुई मतगणना में अपने प्रतिद्वंदी गुडिया देवी को 185 मतों से हराकर जीत दर्ज की। 

मंगलामुखी किन्नर समाज की राष्ट्रीय महासचिव काजल किरण ने जीत के बाद कहा कि शहरी वातावरण से मोह भंग हो गया है और अब गांव में विकास कराने की ठान ली है। उन्होंने कहा कि गांव के विकास के लिए हर संभव प्रयास करुंगी और जो भी योजनाएं सरकार की आएंगी पारदर्शिता के साथ लाभार्थियों को लाभ दिलाने का काम करुंगी। काजल किरण की जीत से जहां गांव वाले उनके समर्थक खुश हैं तो वहीं मंगलामुखी समाज भी खुशी को इजहार कर रहा है। 

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