यूपी : मण्डलायुक्त ने दिया जर्जर कार्यालयों व प्राईवेट भवनों की स्थिति सुधारने पर जोर

Newspoint24.com/newsdesk    

झांसी। मंगलवार को मण्डलायुक्त सुभाष चन्द्र शर्मा ने आयुक्त सभागार में मण्डलीय समीक्षा बैठक करते हुये उपस्थिति समस्त अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि सभी अधिकारी अपने कार्यालय तथा जर्जर भवनों का स्वयं निरीक्षण कर सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित कर लें। यदि कई प्लास्टर गिरने की स्थिति में है अथवा उभरा हुआ है तो उसे हटवा दे ताकि किसी को हानि न हो। 

उन्होने इस पर विशेष ध्यान देने के लिये सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये। उन्होने अपर नगर आयुक्त को निर्देश दिये कि नगरीय निकायों में भी प्राइवेट मकानों का निरीक्षण करा लें और जर्जर स्थिति वाले मकान मालिकों को आगाह कर दें कि वह अपने निजी जर्जर मकानों की मरम्मत कराकर स्थिति सुधारें, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।

मण्डलायुक्त ने तीनों जनपदों के अपर जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि नगर पालिकाओं के सम्पत्ति रजिस्टर का निरीक्षण कर हाउसटैक्स, जलकर की वसूली सुनिश्चित करायें तथा नगरीय निकायों में जो भी भवन बन रहे है उन निर्माणाधीन कार्यो का निरीक्षण करते हुये आगणन के मुताविक कार्य हो रहा है के सहित गुणवत्तापरक कार्य कराना सुनिश्चित करें, जिससे किसी अनहोनी से बचा जा सकें। उन्होने सभी अधिकारियों से कहा कि जितने दिन भी जिस जगह पर कार्य करें अच्छे से मन लगाकर करें ताकि भविष्य में पछताने की नौबत न आये। उन्होने यह भी निर्देश दिये कि लेखपालों के माध्यम से ग्राम समाज की भूमि पर अतिक्रमण हटवाना सुनिश्चित करें।

विद्युत विभाग के अभियंताओं पर कसा शिकंजा

मण्डलायुक्त ने विद्युत विभाग के कार्यो की समीक्षा करते हुये कार्यो में शिथिलता बरतने पर अधिशाषी अभियंता विद्युत जालौन का स्पष्टीकरण के निर्देश अधीक्षण अभियंता विद्युत को निर्देश दिये। कार्यालय में अधिकतर अनुपस्थित रहने तथा जन शिकायतों का निस्तारण नही करने पर अधिशाषी अभियंता विद्युत मऊरानीपुर मनोज कुमार राय को हटवाने तथा जनपद ललितपुर के लम्बित प्रकरणों के निस्तारण में रुचि न लेने मण्डल मुख्यालय पर तैनात मुख्य अभियंता मनोज कुमार पाठक को भी हटवाने के लिये अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिये कि इन अभियंताओं के विरुद्व नियमानुसार कार्यवाही करते हुये हटवाना सुनिश्चित करें।

कोरोना वाॅरियर्स का हो सबसे पहले टीकाकरण

मण्डलायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यो की समीक्षा करते हुये अपर निदेशक स्वस्थ्य को निर्देश दिये कि कोविड-19 के नियंत्रण हेतु शासनादेश के अनुपालन के तहत प्रथम चरण में स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों का ही टीकाकरण होना चाहिए। जिसके लिए तीनों जनपदों के सीएमओ से निरंतर संवाद करते हुये पर्याप्त व्यवस्थायें सुनिश्चित करायें। कोविड वैक्सीन आने से अब कोरोना से डरने की जरुरत नही है, लेकिन सतर्कता बहुत जरुरी है। इस सम्बन्ध में अपर निदेशक स्वास्थ्य ने अवगत कराया कि ड्राईरन पूरा हो गया है। इस सम्बन्ध मण्डलायुक्त ने कहा कि वैक्सीनेटरों को प्रशिक्षण पर्याप्त हो तथा जनपदों में सम्बन्धित सीएमओ, जिलाधिकारी तथा एसएसपी से सम्पर्क कर पर्याप्त मात्रा में डयूटी भी लगवाये। 

मण्डलायुक्त ने अवैध खनन कार्यो की समीक्षा करते हुये संयुक्त निदेशक खनन को निर्देश दिये कि मण्डल के तीनों जनपदों में अवैध खनन पर पूर्ण रुप से अंकुश लगाने हेतु खनन अधिकारी, सम्बन्धित जिलाधिकारी तथा अपर जिलाधिकारी से निरंतर सम्पर्क में रहकर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करायें। मण्डल में बर्ड फ्लू की समीक्षा करते हुये मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिये कि पोल्ट्री फार्मो में पर्याप्त व्यवस्थायें बनी रहें, इस सम्बन्ध में सीवीओ ने अवगत कराया कि झांसी, ललितपुर, जालौन में बर्ड फ्लू की समस्या नही है,इसके लिये मण्डलायुक्त ने समस्या निदान हेतु कोविड नियंत्रण हेतु संचालित कन्ट्रोल रुम 0510-2371100 तथा 2371101 को ही इसके लिये उपयोग हेतु निर्देश देते हुये सीवीओ से कहा कि वह अपने विभाग के एक अधिकारी तथा कर्मचारी को नियमित रुप से कलैक्ट्रेट स्थित कन्ट्रोल रुम में डयूटी पर बैठाना सुनिश्चित करें। 

उन्होने गौशालाओं में ठण्ड से बचाव, चारा, भूसा की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिये मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह खण्ड विकास अधिकारियों के माध्यम से व्यवस्थायें सुनिश्चित करायें। उन्होने कृषि विभाग के कार्यो की समीक्षा करते हुये निर्देश दिये कि मण्डल में किसानों को खाद, बीज, पानी की समस्या नही होनी चाहिए। मण्डलायुक्त ने पेयजल की समीक्षा करते हुये महा प्रबन्धक जल संस्थान से कहा कि जो परियोजनायें संचालित है उनके संचालन की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखते हुये पेयजल व्यवस्था पर अभी से विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। उन्होने जनपद झांसी के तहसील गरौठा तथा ललितपुर सिटी में पेयजल समस्या निदान के लिये अभी से व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। मण्डलायुक्त ने विकास कार्यो की समीक्षा में 50 लाख से अधिक लागत के निर्माण कार्यो की जांच कराने के निर्देश देते हुये कहा कि वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख कार्यो के निर्माण की गुणवत्ता स्वयं चैक करें। उन्होने यह भी निर्देश दिये कि निर्माण कार्यो की गुणवत्ता का सत्यापन समय समय पर होते रहना चाहिए।

एनओसी में न हो अनावश्यक देरी

उन्होने मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि ग्राम पंचायतों के प्रशासक एडीओ पंचायत निर्माणाधीन कार्यो को नियमानुसार कराना सुनिचित करें। उन्होने यह भी निर्देश दिये कि आम जनता को जनकल्याणकारी योजना का लाभ अवश्य मिलना चाहिए। उन्होने ईज आफ डूइंग बिजनेस के तहत निवेश मित्र पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के सम्बन्ध में समीक्षा करते हुये सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि एनओसी जारी करने में अनावश्क देरी न हो।

शिकायतों का हो समयबद्ध निस्तारण

उन्हांेने कर करेत्तर एवं राजस्व वसूली, आबकारी, वन विभाग, स्टाम्प रजिस्ट्रेशन, कृषि विपणन, नगर विकास में गृहकर कर की वसूली, सिंचाई विभाग को भी लक्ष्य के अनुरुप प्रगति लाने के निर्देश दिये। उन्होने एन्टी भूमाफिया टास्क फोर्स, आवास पटटा आवंटन, विरासत दर्ज करने का अभियान, घरौनी का वितरण, तहसील दिवस में जन शिकायतों का निस्तारण, कृषक दुर्घटना बीमा योजना, आईजीआरएस तथा मुख्यमंत्री पोर्टल का जन शिकायतों का समयबद्व निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये।

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