यूपी : ग्रेटर नोएडा के हेलमेट मैन पहुंचे वाराणसी, पेट्रोल पंप पर डटे

Newspoint24.com/newsdesk            

वाराणसी। वाराणसी में बढ़ रहे सड़क दुर्घटना को देख ग्रेटर नोयडा के राघवेंद्र कुमार (हेलमेट मैन) लोगों को जागरूक करने शहर में है। हेलमेट मैन से अपनी पहचान बना चुके राघवेंद्र शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पेट्रोल, डीजल लेने वालों को हेलमेट देकर जागरूक कर रहे हैं।  बदले में उनसे पुस्तक मांगते है। हेलमेट मैन पुस्तक उन्हीं से मांग रहे हैं जिन्होंने पढ़ लिखकर डिग्री लिया हो। लेकिन फिर भी वे यातायात नियमों का पालन नहीं करते। खास बात है कि राघवेंद्र के इस अभियान की सराहना केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी कर चुके हैं।  

मंगलवार को राघवेन्द्र कुमार ने बताया कि इस कार्य की शुरुआत वर्ष 2014 में उन्होंने अपने एक मित्र को सड़क दुर्घटना में खोने के बाद शुरू किया था। मित्र ने हादसे के समय हेलमेट नहीं पहना था। वह अपने माता.पिता का इकलौता चिराग था। इस घटना से विचलित होकर लोगों को हेलमेट पहनाने की शपथ ली और अपने मित्र की तरह किसी और की जान ना जाए। इसलिए यह अभियान शुरू किया। राघवेंन्द्र का मानना है कि  शिक्षा का कोई मोल नहीं है। जो लोग प्रतिदिन यातायात कानून तोड़ते है। ऐसे लोगों से उनके घर में दीमक खा रही पुस्तकों को मांग कर किसी दूसरे जरूरतमंद को पुस्तक देते हैं।  ताकि भारत 100 फीसद साक्षर होकर सड़क दुर्घटना मुक्त बन सके। 

 उन्होंने बताया कि पुस्तक देने वाले को हेलमेट देकर एक जिम्मेदार नागरिक का एहसास दिलाते है। भविष्य में सड़कों पर बिना हेलमेट नहीं चलने का शपथ दिलाते हैं। जिन्हें पुस्तक देते हैं उन्हें भी सड़क सुरक्षा के नियमों के बारे में बताते हैं । उन्होंने कहा कि सरकार ने 4 साल के बच्चों के ऊपर जो हेलमेट का नियम लागू किया है। उसे स्कूल से ही हेलमेट दिया जाए। जैसे झोले और ड्रेस पुस्तक लेना सब कुछ स्कूल से अनिवार्य है।  वैसे ही हेलमेट देने का नियम स्कूल से ही होना चाहिए। जो अभिभावकों बिना हेलमेट अपने बच्चों को स्कूल कोचिंग छोड़ने जाते हैं। वे खुद हेलमेट के प्रति जागरूक नहीं कर पाते। उन्होंने बताया कि अपने मिशन को लोगों तक पहुंचाने के लिए ग्रेटर नोएडा का घर बेच दिया। अपने जुनून के लिए हार नहीं माना। जिससे लोग समझ सके सड़क दुर्घटना कितनी बड़ी महामारी है।  राघवेन्द्र का मानना है कि कोई भी व्यक्ति बिना हेलमेट टोल टैक्स पार नहीं कर पाये।  

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