यूपी: मुख्यमंत्री योगी ने एडीजी से तलब की रिपोर्ट, सख्त कार्रवाई के निर्देश

Newspoint24.com/newsdesk

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद बदायूं की घटना का संज्ञान लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अभियुक्तों के विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई किये जाने के निर्देश दिये हैं। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री ने एडीजी, बरेली जोन को घटना के सम्बन्ध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने यूपीएसटीएफ को इस घटना की विवेचना में सहयोग प्रदान करने के लिए निर्देशित किया है।

अपर मुख्य सचिव, सूचना डॉ. नवनीत सहगल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मामले की जांच तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि मामले का ट्रायल पूरा कराते हुए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाए। बदायूं जिले के उघैती में पूजा करने गई 50 वर्षीय आंगनबाड़ी सहायिका की 'निर्भया कांड' की तरह सामूहिक दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या कर दी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के साथ दरिन्दगी की पुष्टि हुई है। मामले में उघैती एसएचओ राघवेंद्र प्रताप सिंह को निलम्बित कर दिया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपितों वेदराम व जसपाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं आरोपित महंत सत्य नारायण फरार है, उसकी तलाश की जा रही है।

विपक्ष घटना को लेकर सरकार पर हुआ हमलावर

उधर घटना को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर बना हुआ है। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने घटना को अति-दुःखद व अति-निन्दनीय बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस घटना को गंभीरता से ले व दोषियों को सख्त सजा दिलाना भी सुनिश्चित करे ताकि ऐसी घटना की पुनरावृति न हो, बसपा की यह मांग है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि बदायूं में एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद हैवानियत और दरिंदगी का जो वीभत्स रूप पोस्टमार्टम में सामने आया है वो दिल दहलानेवाला है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपराधियों को बचाने की कोशिश न करे और मृतका व उसके परिवार को पूर्ण न्याय मिले। भाजपा सरकार का कुशासन अपराधियों की ढाल न बने। 

कांग्रेस की राष्ट्रीय महाचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि महिला सुरक्षा पर सरकार की नीयत में खोट है। उन्होंने ट्वीट किया कि हाथरस में सरकारी अमले ने शुरुआत में फरियादी की नहीं सुनी, सरकार ने अफसरों को बचाया और आवाज को दबाया। बदायूं में थानेदार ने फरियादी की नहीं सुनी, घटनास्थल का मुआयना तक नहीं किया। महिला सुरक्षा पर उप्र सरकार की नीयत में खोट है। वहीं पार्टी के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा महज प्रचार एवं सरकार के भाषणों में सिमट कर रह गई है। बदायूं में महिला के साथ निर्भया जैसी हैवानियत ने समूचे प्रदेश को फिर शर्मसार किया है। सत्ता के मद में चूर सरकार ने इस मामले को भी दबाने का प्रयास किया।

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