यूपी : डॉक्टरों के इंतजार में तीन वर्षों से बंद पड़ी है सीएचसी

Newspoint24.com/newsdesk

औरैया जनपद के बेला में सामुदायिक स्वास्थ्य की इमारत तीन वर्षों से बनकर तैयार खड़ी है लेकिन स्टाफ व अन्य संसाधन न होने से इसका संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। इससे क्षेत्र की जनता को इसका लाभ नही मिल पा रहा है। लोगों को इलाज के लिए सहार, बिधूना सीएचसी या बाहर कन्नौज या कानपुर के अस्पतालों में जाना पड़ता है। 

इससे बेला क्षेत्र की लगभग 20 से 25 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। कई बार बिधूना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ. वी. पी. शाक्य ने बेला सीएचसी का निरीक्षण किया है। और अस्पताल के जल्द शुरू होने की बात भी कही है। प्रदेश सरकार ने बेला क्षेत्र के वाशिंदों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2012-13 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र(सीएचसी) का निर्माण कराने की मंजूरी दी थी। भवन निर्माण का कार्य कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल यूनिट-9 इटावा को दिया था। जिसका एस्टिमेट बनाकर कार्यदायी संस्था ने शासन को भेजा था। जिसकी स्वीकृति मिलते ही कार्यदायी संस्था ने वर्ष 2014-15 में बेला सीएचसी भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया और 2017 में भवन बनकर तैयार हो गया था।

जिसके बाद विभागीय अधिकारियों द्वारा भवन का निरीक्षण आदि की कार्यवाही पूरी कर भवन स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया था। सीएमओ ने शासन को स्थापना का प्रस्ताव भी भेज दिया था। लेकिन स्वास्थ्य निदेशालय से स्थापना की स्वीकृति न होने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन अभी तक शुरू नहीं हो सका है। 

तीन वर्ष बीत जाने के बाद भवन का कोई सही रखरखाव व साफ सफाई न होने के कारण भवन में गंदगी पड़ी रहती है व खिड़कियों में लगे शीशे टूट गए है, रंगाई-पुताई भी छूट गयी है। प्रधान संतोष कुमारी चौहान के अलावा गांव के आशुतोष दुबे, बब्लू मिश्रा, शीलू कुशवाहा, नरेंद्र पाल, संतोष नायक, विनीत चतुर्वेदी, प्रदीप गुप्ता, रमेश सक्सेना, मिश्रीलाल कुशवाहा, सुभाष सैनी, दीपू ठाकुर, हरिओम पोरवाल, रामपाल यादव, रणवीर सिंह, विमल दुबे, इंदल कुशवाहा, भूपेंद्र सिंह चौहान, गोपाल मिश्रा, सुमित सैनी, अमन शुक्ला आदि ने जिलाधिकारी से बेला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जल्द शुरू कराने की मांग की है। 

वही इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अर्चना श्रीवास्तव का कहना है कि बेला सीएचसी जिले का सबसे बड़ा सीएचसी 40 शैय्या है जिससे चिकित्सक व स्टाफ की कमी के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शुरू नहीं हो पा रहा है। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार नया बजट आते ही अस्पताल शुरू हो जाएगा। 

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