यूपी : आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने के लिए अभियान 15 तक  

Newspoint24.com/newsdesk

चित्रकूट प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में जिन लाभार्थी परिवारों के एक भी सदस्य का गोल्डन कार्ड नहीं बना है, उन परिवारों के कार्ड बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान को 15 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। अभियान में अब तक 7306 लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 विनोद कुमार यादव ने बताया कि अभियान अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर चलाया जा रहा है।                

मुख्य चिकित्साधिकारी ने सोमवार को बताया कि जीरो गोल्डन कार्ड वाले परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान 15 दिसंबर से 31 दिसंबर तक चलाने के निर्देश अपर मुख्य सचिव द्वारा दिए गए थे। 31 दिसंबर के बाद उसे अब 15 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर 2020 से 3 जनवरी 2021 तक 7306 लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। 

योजना के नोडल अधिकारी डा0 इम्तियाज अहमद ने बताया कि अभियान में सभी आशा कार्यकर्ता, आशा संगिनी, एएनएम व आंगनबाड़ी अपने क्षेत्रों के सभी लाभार्थी परिवारों में से प्रत्येक परिवार के किसी एक सदस्य का गोल्डन कार्ड गांव में ही लगने वाले कैम्प पर जाकर बनवा रही हैं। बीसीपीएम, बीपीएम, सीएचओ, ब्लॉक के चिकित्सा अधीक्षक व प्रभारी चिकित्साधिकारी के इस काम में सहयोग कर रहे हैं। इसके साथ जन सुविधा केंद्रों पर गोल्डन कार्ड बनवाए जा सकते हैं। जनसुविधा केंद्र पर  गोल्डन कार्ड बनवाने पर लाभार्थी को प्रति गोल्डन कार्ड 30 रुपए का शुल्क देय है। परिवार के सभी सदस्यों का अलग-अलग गोल्डन कार्ड बनेगा। 

उन्होंने बताया कि जिस तरह मतदान के समय सभी मतदाताओं का अपना एक मतदाता पहचान पत्र होता है, ठीक उसी तरह देश के किसी भी पंजीकृत अस्पताल में योजनांतर्गत उपचार के लिए सभी लाभार्थियों का एक अलग गोल्डनकार्ड अनिवार्य है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत समाज के गरीब व वंचित तबकों के लाभार्थी परिवार को पांच लाख रुपए की सीमा तक निशुल्क उपचार की सुविधा दी जा रही है। इसका लाभ जिले के साथ प्रदेश व देश के किसी भी पंजीकृत राजकीय व निजी चिकित्सालय में लिया जा सकता है।

 जिला कार्यक्रम समन्वयक डा0 आरपी जायसवाल ने बताया कि इस अभियान के दौरान बनाये गए गोल्डन कार्ड के लिए संबंधित आशा को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। गोल्डनकार्ड विहीन परिवार में कम से कम एक सदस्य का गोल्डन कार्ड बनवाने पर आशा को 5 रुपए प्रति परिवार की दर से प्रोत्साहन राशि देय है। जबकि गोल्डनकार्ड विहीन परिवार में एक से अधिक सदस्यों का कार्ड बनवाने पर आशा को 10 रुपए प्रति परिवार की दर से प्रोत्साहन धनराशि मिलेगी। 

इस विशेष अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता संबंधित गांव के गोल्डनकार्ड विहीन परिवारों से संपर्क कर उन्हें आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए नजदीक के जन सुविधा केंद्र या वहां पर लग रहे कैम्प में जाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। डिस्ट्रिक्ट इनफार्मेशन सिस्टम मैनेजर अवधेश कुमार और डिस्ट्रिक्ट ग्रीवांस मैनेजर दीपक गौतम  ने बताया कि जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के 39282 पात्र परिवारो के कार्ड अभियान में बनाए जाने है। गोल्डन कार्ड विहीन परिवारों में से अब (15 दिसबर 2020 से 3 जनवरी 2021) तक 7306 लोगों के कार्ड बनाए जा चुके हैं। प्रयास है कि अभियान में अधिक से अधिक लाभार्थी परिवारों के गोल्डन कार्ड बनवाए जाएं। 

योजना पर एक नजर

जिले में कुल लाभार्थी परिवार-78868। अब तक कुल 73165 लोगों के कार्ड बने। अब तक इलाज कराने वाले लोगों की संख्या- 2257

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