यूपी : जीआई उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए किया जायेगा बोर्ड का गठन:तिवारी

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लखनऊ। प्रदेश में समेकित रूप से जीआई उत्पादकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान,ब्राण्डिंग तथा मार्केटिंग के माध्यम से उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिये जाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय जीआई बोर्ड का गठन किया जायेगा । यह निर्णय मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित जीआई उत्पादों के विकास के लिए आहूत बैठक में लिया गया। इस प्रस्तावित बोर्ड का मुख्य कार्य जीआई उत्पादों के विकास के लिए रणनीति का निर्धारण तथा उसके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश पारित करना होगा।

उन्होंने बताया किइसके अतिरिक्त प्रस्तावित जीआई बोर्ड जीआई पंजीयन के लिए नये पोटेंशियल उत्पादों को चिन्हित करने,उनके डाक्यूमेंटेशन उत्पादक समूह के गठन आदि के कार्य, वर्तमान में पंजीकृत उत्पादों की ब्राण्डिंग व मार्केटिंग तथा गुणवत्ता नियंत्रण आदि के सम्बन्ध में मेकेनिज्म का निर्माण करेगा। उन्होंने बताया कि यह बोर्ड प्रदेश के जीआई उत्पादों के विकास के सम्बन्ध में नियमित समीक्षा बैठक भी करेगा। इस प्रस्तावित जीआई बोर्ड में डिपार्टमेन्ट ऑफ प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्रीज एण्ड इंटरनल ट्रेड भारत सरकार, एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन, कृषि, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, उद्योग निदेशालय, निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो, फॉरेन ट्रेड, जीआई रजिस्ट्री चेन्नई, एपीडा, टेक्सटाइल कमेटी मुम्बई, नाबार्ड आदि के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, डॉ0 रजनीकांत, अधिशासी निदेशक ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन वाराणसी तथा प्रदेश के जीआई उत्पादों/क्राफ्ट से सम्बन्धित उद्यमी संगठनों के रोटेशन आधार पर अधिकतम तीन प्रतिनिधि प्रस्तावित किये गये हैं। उक्त बोर्ड के कार्यों का निष्पादन निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो उत्तर प्रदेश द्वारा किया जायेगा।


इससे पूर्व विगत बैठक में लिये गये निर्णयों के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि जीआई उत्पादों के निर्यात के लिए मण्डल स्तरीय समिति का गठन किया जा चुका है, जिसमें भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को भी सम्मिलित किया गया है। जीआई सेण्टर की स्थापना के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि वाराणसी में पूर्व से ही जीआई सेण्टर स्थापित हैै, इस सेण्टर की स्थापना का मुख्य उद्देश्य बौद्धिक संपदा जैसे ट्रेड मार्क, जीआई पेटेंट्स आदि के सम्बन्ध में जागरूकता का प्रसार करना है।


बैठक में बताया गया कि निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो द्वारा प्रदेश के 26 जीआई उत्पादों से सम्बन्धित जिलो में स्टेकहोल्डर्स के मध्य जागरूकता पैदा करने एवं आवश्यक हैण्ड होल्डिंग सपोर्ट प्रदान करने के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है तथा शीघ्र ही इसका क्रियान्वयन प्रारंभ कर दिया जायेगा।

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