यूपी: एनकाउंटर में मारे गये अतुल दुबे का बेटा विपुल गिरफ्तार

Newspoint24.com/newsdesk

कानपुर। देश को हिला देनी वाली घटना बिकरु कांड के जीवित 36 आरोपितों को पुलिस ने जेल भेज दिया था, लेकिन विपुल दुबे छह माह से फरार चल रहा था। गुरुवार को सजेती पुलिस एनकाउंटर में मारे गये अतुल दुबे के बेटे व 50 हजार के इनामी विपुल दुबे को दबोचने में सफल रही। आईजी ने बताया कि अब घटना के सभी जीवित 37 आरोपित जेल भेजे जा चुके हैं। चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरु गांव में दो जुलाई की रात दबिश देने गयी पुलिस टीम पर हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने साथियों संग हमला कर दिया था। घटना में सीओ देवेन्द्र मिश्रा, थानाध्यक्ष शिवराजपुर महेश यादव समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गये थे। घटना के बाद पुलिस ने भी मुख्य आरोपित विकास दुबे सहित छह लोगों को एनकांउटर में मार गिराया और 37 जीवित आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इसमें तत्कालीन चौबेपुर थानाध्यक्ष विनय तिवारी, उप निरीक्षक केके शर्मा भी शामिल हैं। पुलिस ने 36 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर अलग-अलग समय पर जेल भेज दिया और उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। लेकिन घटना के दूसरे ही दिन पुलिस मुठभेड़ में मारा गया अतुल दुबे का बेटा विपुल दुबे पुलिस को बराबर चकमा दे रहा था। इस पर पुलिस ने 25 से बढ़ाकर उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने गुरुवार को बताया कि सजेती पुलिस ने विपुल दुबे को गिरफ्तार कर लिया है और उसे जेल भेज दिया गया है। अब घटना के सभी जीवित 37 अभियुक्त जेल भेजे जा चुके हैं। बताया कि विपुल को जेल भेजने के साथ ही पुलिस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी शुरु कर दी है। 

परिवार में मारे गये दो लोग

बिकरु कांड के मुख्य अभियुक्त रहे विकास दुबे के घर के पास अतुल दुबे और संजू दुबे का मकान है। दोनों विकास दुबे के परिवार के ही हैं और उसके खास गुर्गों में रहे। घटना के बाद सभी लोग फरार हो गये और पुलिस ने दूसरे ही दिन अतुल दुबे को मार गिराया। पांच दिन बाद संजू दुबे का बेटा अमर दुबे हमीरपुर में मारा गया। पुलिस ने इस परिवार से छह लोगों आरोपित माना जिसमें दो लोग मुठभेड़ में मारे गये। अमर दुबे के पिता संजू दुबे, मां और पत्नी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, पर मुठभेड़ में मारे गये अतुल दुबे का बेटा विपुल पुलिस को बराबर चकमा देता रहा। इसको देखते हुए पुलिस ने पहले उस पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा फिर बाद यह राशि 50 हजार रुपये हो गयी। बताया जा रहा है कि अब घर में बूढ़ी दादी ही बची है, जो अकेले रह रही है। 

इन अभियुक्तों को भेजा जा चुका है जेल

घटना में पुलिस ने 43 लोगों को आरोपित मानते हुए मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें छह लोग मारे जा चुके हैं। 36 जीवित अभियुक्तों को पुलिस अलगकृअलग समय पर जेल भेज दिया, पर विपुल दुबे बराबर फरार चल रहा था जो गुरुवार को पकड़ा गया। विपुल के पकड़े जाने के बाद से सभी जीवित अभियुक्त जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक, श्यामू बाजपेई निवासी बिकरु, छोटू शुक्ला उर्फ अखिलेश निवासी बिकरु, शाशिकान्त पण्डित उर्फ सोनू निवासी बिकरु, रामू बाजपेयी निवासी बिकरु, दयाशंकर अम्निहोत्री निवासी बिकरु, गोपाल सैनी निवासी बिकरु, उमाकान्त उर्फ गुड्डन निवासी बिकरु, बालगोविन्द निवासी बिकरु, शिवम दुबे निवासी बिकरु, धर्मेन्द्र उर्फ हीरु दुबे निवासी बिकरु, जहान यादव निवासी कांशीराम निवादा, रामसिंह निवासी सुज्जा निवादा, विष्णु पाल यादव निवासी सुज्जा निवादा, शिवतिवारी निवासी वसेन, विमल प्रकाश निवासी कंजती, धीरज उर्फ धीरु निवासी बिकरु, क्षमा पत्नी संजय उर्फ संजू दुबे निवासी बिकरु, खुशी पत्नी अमर दुबे निवासी बिकरु, रेखा अन्निहोत्री पत्नी दयाशंकर निवासी बिकरु, संजय दुबे उर्फ संजू दुबे निवासी बिकरु, सुरेश वर्मा निवासी बिकरु, शान्ती देवी पत्नी रमेश चन्द्र निवासी बिकरु, रमेश चंद्र निवासी बिकरु, मनीष उर्फ वीर निवासी बिकरु, शिवम उर्फ दलाल निवासी बिकरु, सुशील कुमार तिवारी उर्फ सोनू निवासी कुढ़वा, गुड्डन उर्फ अरविन्द त्रिवेदी निवासी ग्राम कुखवा थाना शिवली, जयकान्त वाजपेयी निवासी ब्रह्मनगर, प्रशान्त शुक्ता उर्फ डब्बू निवासी आर्यनगर, कृष्ण कुमार शर्मा निवासी ग्राम तुमरैल गिरधापुर धाना हाफिजपुर जनपद हापुड़, राहुल पाल निवासी नारेपुरवा मैथा शिवली, विनय तिवारी निवासी ग्राम अलबारा थाना महेबा धाट जनपद कौशाम्बी, नन्हें यादव निवासी बिकरु, बब्लू मुसलमान निवासी बिकरु, राजेंद्र मिश्रा निवासी बिकरु, उमाशंकर बाजपेयी निवासी बिकरु, विपुल दुबे निवासी बिकरु हैं। 

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