यूपी: टीबी रोगियों की तलाश में 88 टीमों ने मोर्चा संभाला

Newspoint24.com/newsdesk

हमीरपुर। जनपद में शनिवार से घर-घर टीबी रोगियों की खोज शुरू हो गई। स्वास्थ्य विभाग की 88 टीमें इस काम में लगाई गई हैं। अभियान के पहले दिन जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.महेशचंद्रा ने भ्रमण कर टीमों के कामकाज की निगरानी की और उन्हें निर्देशित किया। इसके साथ ही लोगों से अपील की कि ऐसे व्यक्ति जो लगातार बुखार, खांसी और वजन कम होने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, वह अपनी टीबी की जांच अवश्य कराएं ताकि समय रहते उनकी बीमारी का इलाज किया जा सके।

केंद्र सरकार के वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने के संकल्प को पूरा करने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम के तहत शनिवार से सघन टीबी रोगी खोज अभियान की शुरुआत हुई है। इस बार इस अभियान में जनपद की बीस फीसदी आबादी (2.29 लाख लगभग) को लिया गया है। जिनके बीच स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंचेंगी और उनकी स्क्रीनिंग कर संभावित टीबी रोगियों के मौके पर बलगम के नमूने एकत्र करेंगी। 

शनिवार से शुरू हुए अभियान के पहले दिन जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.महेशचंद्रा ने स्वयं भ्रमण कर टीमों के कार्यों की निगरानी की और उन्हें उचित दिशा-निर्देश दिए। डॉ.महेशचंद्रा ने बताया कि अभियान के दौरान ऐसे लोगों को चिन्हित करना है, जिन्हें लगातार कई दिनों से बुखार और खांसी की शिकायत है। सीने में दर्द के साथ ही शाम को पसीना ज्यादा निकलने की शिकायत हो और लगातार वजन भी कम हो रहा है। इस प्रकार के लक्षण टीबी रोग में पाए जाते हैं और अगर कोई व्यक्ति ऐसे लक्षणों से गुजर रहा है, तो उसे बगैर देर किए अपने निकटवर्ती अस्पताल में इसकी जांच करानी चाहिए ताकि समय रहते उपचार हो सके और उसे टीबी से निजात मिले। 

उन्होंने बताया कि आज अभियान का पहला दिन है और स्वास्थ्य विभाग की टीमें सुबह से ही रोगियों की खोज में निकल गई है। शाम सात बजे के आसपास पूरे जिले से पहले दिन की रिपोर्ट मिलेगी।डीटीओ डॉ.महेशचंद्रा ने बताया कि कुरारा में 28248, सुमेरपुर में 41760, मौदहा में 45625, मुस्करा में 30325, राठ में 12500, नौरंगा में 24750, सरीला में 28032 और गोहाण्ड में 17518 लक्षित आबादी में टीबी रोगियों की खोजबीन की जानी है।

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