यूपी : जिले को मिले 10 आयुर्वेदिक और होम्यो चिकित्सक

Newspoint24.com/newsdesk

कन्नौज हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए मिशन मोड में कार्य करें। चिकित्सक जानने और सीखने की जिज्ञासा रखें। आयुर्वेद एवं होमियोपैथी चिकित्सा में निरंतरता लाने की आवश्यकता है। आयुर्वेद के विशेषज्ञ व्यक्तियों की सूची तैयार की जाए। यह बात  आज एनआईसी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश के जनपदों में आयुष एवं होम्योपैथिक चिकित्साधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण करते हुए कही। 

उन्होंने कहा कि पूर्व में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत क्रियाशील होने के उपरांत वर्ष 2016 में आयुष विभाग का गठन हुआ। जिसके उपरांत आयुष विभाग के अंतर्गत आयुर्वेद निदेशालय के माध्यम से 2104 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय संचालित किए गये। उन्होंने बताया कि तत्समय मात्र लगभग 1250 चिकित्साधिकारी कार्य कर रहे हैं, जिसको बल देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से 315 प्रथम चरण में एवं द्वितीय चरण में 517 चिकित्सा अधिकारी चयन कर विभाग में तैनात किए जा रहे हैं। 

उन्होंने गत वर्ष कोविड-19 के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए आयुर्वेद के चिकित्सा अधिकारी एवं पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा एवं अन्य चिकित्सा स्टाफ द्वारा दिए गए अपने श्रेष्ठ योगदान हेतु सराहना की एवं आगे भी इसी प्रकार सेवा दिए जाने हेतु कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत जड़ी बूटियों का भंडार है और इसका प्रयोग आयुर्वेद व होम्योपैथी से जुड़े क्षेत्र के व्यक्तियों द्वारा सकारात्मक रूप से किया जा सकता है। उन्होंने चिकित्सकों को अपने-अपने क्षेत्रों में शोध कार्य को और विस्तार रूप देते हुए अपने क्षेत्रों में जानने की जिज्ञासा रखें। 

उन्होंने सभी को अपनी उत्कृष्ट सेवा देने के लिए प्रोत्साहित किया एवं सतर्क किया कि कोई ऐसा कार्य ना करें जिससे विधा व पद्धति प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद एवं होम्योपैथिक चिकित्सा को निरंतरता प्रदान करने की आवश्यकता है जिससे संसार में हो रही गंभीर बीमारियों हेतु जितनी प्रभावी औषधि गुण आयुर्वेद में मिलेंगे वह एलोपैथी में नहीं है। उन्होंने सभी को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर आयुर्वेद का ज्ञान रखने वाले विशेषज्ञों की सूची तैयार की जाए एवं टेलीमेडिसिन के माध्यम से साप्ताहिक मासिक एवं वार्षिक रूप से सभी विशेषज्ञों को जोड़कर जनता को लाभान्वित किया जाए। 

जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र द्वारा बताया गया कि आज जनपद को 05-05 चिकित्सक आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक प्राप्त हुए हैं, जिनके आने से इन दोनों चिकित्सा पद्वति में चिकित्सकों की कमी तो दूर हो गई ही बल्कि इन चिकित्सा क्षेत्रों का भी विकास होगा एवं जनता को आरोग्य मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान डॉ0 स्वप्निल सक्सेना को राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय मढ़पुरा, डॉ0 सलिहा सिद्धीकी को सौरिख, डॉ0 पायल सक्सेना को सरायप्रयाग, डॉ0 नादिरा खातून सिकंदरपुर टाउन एवं डॉ0 विपुल शुक्ला सकरांवा में आयुर्वेदिक चिकित्सकों को पदस्थापित किया गया है एवं डॉ0 पूजा अघनिहोत्री को राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय नगलादुर्ग, डॉ0 कोमल राठौर को पृथ्वीपुर, डॉ0 गरिमा वर्मा को सौसरापुर, डॉ0 रितु वर्मा को खड़नी, डॉ0 मनीष पाण्डेय को सरायप्रयाग में होम्योपैथिक चिकिसालयों के लिए पदस्थापित करते हुए नियुक्ति पत्र वितरित किये गए। 

कार्यक्रम के दौरान जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ0 सुमन रहेजा, आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी/ नोडल अधिकारी डॉ0 देवेंद्र सिंह एवं वरिष्ठ चिकित्साधिकारी राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय कन्नौज डॉ0 विमल चंद्र कटियार सहित अन्य नियुक्त चिकित्सक उपस्थित थे।

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