अध्यापकों ने बच्चों को शिक्षा का पाठ पढ़ाकर मनाया नव वर्ष

Newspoint24.com/newsdesk

कानपुर/औरैया । बच्चों को सबसे ज्यादा मजा खेलने में आता है और उनका ये खेलना अपने घर में और दोस्तों संग स्कूल में ही हो पाता है। स्कूल एक ऐसा प्रांगण है जहां बच्चा सीखने की प्रति आगे बढ़ाता है और प्रश्नों का सृजन कर नए बड़े सपने बुनना भी सीखता है। बच्चे स्कूल नहीं जा सकते तो क्या, शिवगंज के मास्टर साहब गांवगांव जाकर बच्चों को पढ़ाई व खेल की सीख व तैयारी करा रहे हैं। साथ ही साथ अभिभावकों को भी जागरूक कर रहे हैं। 

अपने विद्यालयी क्षेत्र सहार ब्लाक के ग्राम पूर्वा भिखनी में पहुंचे राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त विज्ञान शिक्षक मनीष कुमार व जिलाध्यापक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक अश्वनी कुमार ने मिलकर बच्चों को खेलखेल में नैतिक शिक्षा दी, साथ ही और विज्ञान के रोजमर्रा के प्रयोग करके दिखाए। राष्ट्रीय विज्ञान संचारक मनीष कुमार ने बच्चों को घर के गिलास से दाब, स्ट्रा से हांथी की सूंड बनाकर बल के प्रयोग, पुराने स्टेथे स्कोप और कीप से ध्वनि भ्रामक यंत्र, आंख और कान की संवेदनशीलता से संबंधित रोचक प्रयोग करके दिखाए । सही या ग़लत कैसे भी उत्तर देने के लिए प्रोत्साहन स्वरूप बच्चों को टॉफियां बांटी इससे बच्चों में जबाव देने की होड़ सी लग गई। 

बच्चों संग बड़ों ने भी रोचकता दिखाई। ईएमपीएस शिवगंज के प्रधानाध्यापक अश्वनी कुमार ने बच्चों व उनके अभिभावकों को डीडी 1 पर बच्चों के शैक्षिक कार्यक्रमों को देखने, दीक्षा एप पर घर पुस्तके पढ़ने, रीड अलोंग पर पढ़ना सीखने से संबंधित एप की जानकारी देने के साथ मौके पर डाउनलोड करा उसका उपयोग करना सिखाया। कार्यक्रम के अंत में जागरूकता संबंधी पर्चे बांटे और चश्पा किए और बच्चों को घर पर पढ़ने के लिए प्रेरित किया। 

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