मां दंतेश्वरी की जयकारों के बीच फूल रथ की पहली परिक्रमा पूरी

Newspoint24 / newsdesk

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जगदलपुर । विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा का मुख्य आकर्षण विशालकाय दुमंजिला रथ की परिक्रमा होती है। फूलों से सुसज्जित रथ की परिक्रमा आज देर शाम को रियासत कालीन पंरंपरनुसार संपन्न की गई।

पूजा विधान के बाद बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के छत्र को फूल रथ पर आरूढ़ किया गया। पुलिस जवानों द्वारा हर्ष फायर कर सलामी दी गई, इसके बाद रथ की पहली परिक्रमा पूरी की गई। फूल रथ की परिक्रमा अनवरत 12 अक्टूबर तक रोजाना जारी रहेगी।

बस्तर दशहरा की 613 वर्ष पुरानी रियासत कालीन परंपरा का अनुसरण करते हुए मां दंतेश्वरी के छत्र को मंदिर से मुडा बाजा के साथ माता के जस गीत गाते हुए सेवादार मावली मंदिर पहुंचे। जहां पूजा विधान के बाद जगन्नाथ मंदिर परिसर स्थित श्रीराम मंदिर में पूजा

विधान संपन्न कर माता के छत्र को माता के जयकारों के बीच छत्र को लेकर रथ पर दंतेश्वरी मंदिर के प्रधान पुजारी सवार हुए। पारंपरिक वाद्य यंत्रों के बीच पुलिस बल ने हर्ष फायर कर सलामी दी गई। इसके बाद ग्रामीण एवं शहर के श्रद्धालुओं ने रस्से से रथ को खींचना शुरू किया।

रथ सिरहासार भवन में गोलबाजार, गुरु गोविन्द सिंह चौक होते हुए परिक्रमा पूरी कर दंतेश्वरी मंदिर के सामने पंहुचकर संपन्न हुई।

हिन्दुस्थान समाचार

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