बैरिकेटिंग को लेकर उपजे विवाद से 280 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रामलीला पर लगा ग्रहण

Newspoint24 / newsdesk

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गोंडा । कर्नलगंज के 280 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक व प्रसिद्ध रामलीला को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए परंपरागत रूप से बैरिकेटिंग एवं खंभे लगाने जाने के कार्य को प्रशासन व पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद 2 दिनों तक रामलीला चलने के बाद रामलीला कमेटी द्वारा रोक लगा दी गई है।

जिससे चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। हालांकि शुक्रवार को प्रशासन व दूसरे पक्ष की बैठक होने के बाद रामलीला मैदान पर हुए अतिक्रमण को दूसरा पक्ष स्वयं हटाने के लिए राजी हो जाने के बाद गतिरोध समाप्त होने के आसार दिखने लगे हैं।

रामलीला कमेटी के अध्यक्ष हरि कुमार वैश्य ने बताया की लीला मैदान में परंपरागत तरीके से रामलीला मंचन को सुचारु रुप से संचालित करने के लिए खम्भे लगाया जाते थे। और उसमें तार की बेरीकेटिंग कराई जाती थी। जिससे दर्शकों को असुविधा न हो एवं रामलीला मंचन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

मगर कुछ अतिक्रमणकारियों द्वारा रामलीला के मैदान पर अवैध तरीके से अतिक्रमण कर लिया गया है। जिसे प्रशासन नजरअंदाज कर रहा है।

बताया कि रामलीला मैदान में बैरिकेटिंग एवं खंभे लगाने के कार्य को प्रशासन व पुलिस द्वारा रोका जा रहा है। जिसके विरोध स्वरूप प्रकरण के निस्तारण होने तक राम लीला का मंचन स्थगित रहेगा। तथा भगवान श्रीराम का विमान रामलीला मैदान तक नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा कि शुक्रवार को अंजुमन सज्जादिया मुस्लिम कमेटी व प्रशासन के बीच बैठक हुई है। वह लोग स्वयं अपना पिलर हटाने को तैयार हो गए हैं। अधिकारियों द्वारा उस पिलर को असंवैधानिक रूप से लगाया जाना पाया गया है।

प्रशासन द्वारा हम लोगों को शाम तक खंभे हट जाने की बात बताई है। उसके बाद रामलीला कमेटी व प्रशासन की बैठक होगी। बैठक में कमेटी द्वारा रामलीला मंचन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

इस संबंध में क्षेत्राधिकारी कर्नलगंज मुन्ना उपाध्याय ने बताया कि दोनों पक्षों की प्रशासन के साथ-साथ बैठक हुई है। जिसमें कटरा रोड पर लगाए गए खंभे को हटाने पर सहमति बन गई है। हालांकि इस बाबत उप जिलाधिकारी कर्नलगंज हीरालाल के सीयूजी नंबर पर कई बार बातचीत करने का प्रयास किया गया। लेकिन बेल बजती रही फोन नहीं उठा।

28 दिनों तक चलती रामलीला संपूर्ण रामचरितमानस का होता है मंचन

रामलीला के पहले दिन कन्या पूजन, ध्वजारोहण व नगर ढिंढोरा का कार्यक्रम दूसरे दिन शिव पार्वती विवाह, गणेश जन्म तीसरे दिन सती वृंदा नारद मोह चौथे दिन वीर प्रताप भानु चरित्र पांचवें दिन राम जन्म छठे दिन मुनि आगमन ताड़का वध सातवें दिन गंगा तट आगमन नगर दर्शन पुष्प वाटिका आठवें दिन धनुष यज्ञ परशुराम लक्ष्मण केवट संवाद तथा श्री राम बनवास केवट संवाद के साथ-साथ पूरे 28 दिन संपूर्ण रामचरितमानस का मंचन किया जाता है।

जबकि भारत मिलाप का कार्यक्रम गाड़ी बाजार स्थित जनक मंदिर पर होता है।

यहां पर रावण का पुतला अस्थाई नहीं बनता है ट्राली पर

कर्नलगंज की ऐतिहासिक रामलीला में रावण का पुतला जमीन पर ना बनाकर बल्कि ट्राली पर बनाया जाता है मान्यता है कि जब मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का रथ लंका में पहुंचता है। तो रावण भी प्रभु श्रीराम से युद्ध करने के लिए अपने रथ से आता है। आमने—सामने युद्ध होती है, उस दौरान भगवान राम के अग्निबाण से रावण का पुतला दहन हो जाता है।

हिन्दुस्थान समाचार

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