मुलायम के चरखा दांव और धोबीपाट के इंतजार मे शिवपाल

मुलायम के चरखा दांव और धोबीपाट के इंतजार मे शिवपाल

Newspoint24 /newsdesk /एजेंसी इनपुट के साथ 

इटावा। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष एवं अपने भतीजे अखिलेश यादव से लगातार चुनावी गठंबधन की पेशकश कर रहे प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि उनकी पहली वरीयता और प्राथमिकता सपा से ही गठबंधन की है लेकिन इसके बावजूद भी अपने बडे भाई नेता जी (मुलायम सिंह यादव) से कभी चलाये जाने वाले चरखा दांव और धोबी पाट का इंतजार है ।

सैफई के एसएस मैमोरियल स्कूल में पत्रकारो से बातचीत में शिवपाल ने कहा कि सूबे में अनाचार और अत्याचार के खिलाफ अपना धर्मयुद्ध छेड़ दिया है । वे महाभारत की तरह से गरीब मजदूर किसानों के अलावा नौजवानों को अपना सारथी बनाने का प्रयास कर रहे है क्योंकि पूर्व काल की बजाय मौजूदा समय में बटन दबाते ही सरकारे चली जाती हैं और दूसरी बन जाती हैं।

उन्होने साफ किया कि सूबे में सरकार का इकबाल बुलंद नहीं है और काम करने वाले लोगों अफसरों एवं कर्मचारियों में किसी तरह का भय नहीं है । वे बिना भ्रष्टाचार के कोई काम नहीं कर रहे हैं जबकि इन्हें सरकार की नियमावली के अनुुसार काम करना चाहिये। उनका कहना था कि भाजपा को सत्ता से हटाने के लिये सूबे में एक बड़े दल के नीचे सभी समान विचार धारा वाली पार्टियों को एकत्रित होने की जरूरत है और वे लगातार दो साल से इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं।

श्री यादव ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी तथा भ्रष्टाचार के कारण पूरे देश में जनता कराह रही है और अब यह समय की मांग है कि भाजपा को हटाने के लिये सभी एकजुट हो जाए।

एक सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करने की है और इसके लिये डेट लाइन निकलने के बाद भी उनके दरबाजे बंद नहीं हुये हैं। राजनीति में संभावनाएं कभी खत्म नहीं होती हैं बातचीत का दौर खुला रखना चाहिए अभी तो चुनाव में 5 महीने का समय है हमारा अभी भी समाजवादी पार्टी के लिए प्रयास पहली प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव के साथ पिछले 40 साल तक रहकर उन्होंने भी राजनैतिक महाभारत के बारे में बहुत कुछ सीखा है जब नेताजी चरखा दांव चलाते थे वह भी हमने सीखा है इसीलिए हमने भगवान श्री कृष्ण के यहां पूजा करके मांगा है कि हमारा चरखा दांव चल जाए।

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