गोंडा में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सनसनीखेज फर्जीवाड़े का मामला सामने आया 

गोंडा में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सनसनीखेज फर्जीवाड़े का मामला सामने आया

Newspoint24 /newsdesk /एजेंसी इनपुट के साथ 

लखनऊ। गोंडा में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सनसनीखेज फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। शादीशुदा लोगों को दलाल शादी के मंडप में बैठाकर उनकी दूसरी बार शादी करवा रहे हैं और अनुदान में मिले सरकारी पैसा ,दहेज को हड़प गए हैं । ये दलाल गांव के शादीशुदा लोगों को समारोह में कुछ पैसों का लालच देकर मंडप में ले आते हैं। एजेंट विवाहित जोड़ों को मिलना वाला दहेज खुद रखते हैं और उनको कुछ पैसे देकर विदा कर देते हैं।

सूत्रों ने बताया कि बुधवार को गोंडा में हुए शादी समारोह में 151 जोड़ों का विवाह हुआ। इस समारोह में आए एक व्यक्ति ने बताया कि उनकी शादी 26 जून 2020 में हो चुकी है। यहां पर तो वो बस पैसे लेने के लिए बैठे हुए हैं। वहीं दूसरे जोड़े ने कहा कि उसकी शादी 3 जून को हो चुकी है। यहां पर उनको फिर से शादी करने के लिए बुला लिया गया है। हम लोगों को बोला गया है पैसे भी मिलेंगे।


शादी में आई एक महिला ने कहा  कि 22 जुलाई को उनका निकाह हो चुका है। यहां तो किसी एजेंट के कहने पर वो बैठी हैं। 

जिस सरकारी धन को गरीब लड़कियों की शादी में खर्च करना था, उसको एजेंट अपने खाते में जमा कर रहे हैं और पहले से शादीशुदा जोड़ों को बैठाकर लूट कर रहे हैं। बड़ी बात ये है कि सामूहिक विवाह में आने वाले विधायक और मंत्री भी इस फर्जीवाड़ा का पता नहीं लगा पाए। गोंडा में बुधवार को सामूहिक विवाह का आयोजन हुआ। इसमें 151 कन्याओं का विवाह करवाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रमापति शास्त्री और विधायक प्रभात वर्मा पहुंचे थे।

मामले में समाज कल्याण अधिकारी राकेश चौधरी ने बताया कि गुरुवार को मैं मौके पर जांच करने गया था। कुछ लोगों से बात हुई तो उन्होंने बताया कि पहले सामूहिक विवाह में नाम पंजीकृत कराए थे, कुछ कारणों से शादी नहीं हो हुई थी, इसलिए अब हो रही है। मामले की जांच की जा रही है।

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