जौनपुर जिला जेल में कैदी की मौत के बाद बवाल , पथराव-तोड़फोड़ के बाद जेल के अस्पताल में आग लगाई

newspoint24.com / newsdesk After the death of the prisoner in Jaunpur district jail, the jail hospital was set on fire after stone-pelting

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जौनपुर। उत्तर प्रदेश की जौनपुर जिला जेल में बंद आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे एक बीमार कैदी की आज मृत्यु हो गई।


जेल सूत्रों के अनुसार रामपुर थाना क्षेत्र के बानीडीह गांव निवासी बागीश मिश्र उर्फ सरपंच को आदालत ने छह जनवरी को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी।

कल रात अचानक उसकी हालत खराब हो गई और उसे पहले जेल के अस्पताल में भेजा गया,लेकिन हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई।


मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण बागीश की मृत्यु हुई है।उत्तर प्रदेश की जौनपुर जेल में एक कैदी की मौत के बाद दूसरे कैदियों ने बवाल कर दिया।

उन्होंने पथराव और तोड़फोड़ के बाद जेल के अस्पताल में आग लगा दी। इसके बाद जौनपुर जेल पर करीब 6 घंटे कैदियों का कब्जा रहा। पुलिस ने बातचीत करके कैदियों को मना लिया। हालांकि, इसके लिए पुलिस को करीब छह घंटे मान-मनौव्वल करनी पड़ी।

कैदियों से बातचीत के बाद वाराणसी रेंज के आईजी एसके भगत ने कहा कि पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कैदी की मौत कैसे हुई, इसकी भी जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले घटना के बाद पुलिस ने गैस के तीन सिलेंडर अपने कब्जे में ले लिए हैं। सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां भी मौके पर पहुंची। ड्रोन कैमरे से जेल के भीतर नजर रखी गई। पुलिस 35 से ज्यादा आंसू गैस के गोले दागे। हवाई फायरिंग भी की। बवाल में एक सिपाही घायल हो गया। 


बेकाबू कैदियों के सामने जेल प्रशासन बेबस नजर आया। अधिकारियों ने कैदियों से कहा- वे डीएम और एसपी के सामने अपनी बात रख सकते हैं। उनकी मांगों को तत्काल पूरा किया जाएगा। अधिकारी माइक पर यह अनाउंस कर रहे हैं। जेल में करीब एक हजार कैदी बंद हैं। मामला बढ़ता देख वाराणसी जोन के प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। कमिश्नर दीपक अग्रवाल और आईजी एसके भगत मौके पर हैं। जौनपुर प्रशासन बंदियों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।

कैदियों के बवाल में पुलिसकर्मी घायल हो गया। उसे अस्पताल भेजा गया। बवाल की शुरुआत वागीश मिश्रा उर्फ सरपंच नाम के एक कैदी की मौत के साथ हुई। रामपुर के बनीडीह गांव निवासी वागीश डबल मर्डर का दोषी है। वह 6 जनवरी से जेल में बंद था। आज तबीयत खराब होने से उसे जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई।

मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक, कैदी की तबीयत 3 दिन से खराब चल रही थी। आज भी गंभीर हालत के बाद भी 4 घंटे देरी से लाया गया।

जेल प्रशासन कैदियों के सामने बेबस हो गया। अधिकारियों ने कैदियों से अपील की उनकी मांगों को सुना जाएगा। डीएम और एसपी से कोई भी कैदी अपनी बात रख सकता है। कैदियों की मांगों को तत्काल पूरा किया जाएगा। किसी भी कैदी के ऊपर कोई भी कार्रवाई नहीं की जाएगी। अधिकारी इस बात को माइक के जरिए अनाउंस कर रहे हैं।


6 जनवरी 2021 से जेल में सजा काट रहा था , कैदी को 3 जून को शाम करीब 10 बजे जेल के अस्पताल में लो बीपी, डायबिटीज और सांस की समस्या के बाद भर्ती किया गया था। इसी दौरान तबीयत खराब होने पर उसे शुक्रवार दोपहर एक बजे जौनपुर के जिला अस्पताल भेजा गया। यहां डेढ़ बजे के आसपास डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद कैदी के तीन अन्य भाई जेल पहुंचे और अन्य कैदियों के साथ मिलकर उपद्रव शुरू कर दिया। ईंट-पत्थर भी चलाने लगे, जेल के किचन में मौजूद गैस सिलेंडर से आगजनी की धमकी भी देने लगे। देखते-देखते आग भी लगा दी। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया। घटना के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गई है। कैदियों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

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