हिन्दी में काम करने का संकल्प लेकर रिफाइनरी ने किया 'अवसरों के वर्ष' की शुरुआत
 

newspoint24.com/newsdesk

बेगूसराय । बरौनी रिफाइनरी के कामकाज में हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए रविवार को विश्‍व हिन्‍दी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बरौनी रिफाइनरी के कार्यपालक निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख शुक्ला मिस्त्री ने की। इस अवसर पर ब्रांड निर्माण में हिन्दी की भूमिका विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शुक्ला मिस्त्री ने कहा कि हिन्दी में मन की व्यथा, कथा और भावों को व्यक्त करने की अनुपम क्षमता है। हिन्दी हमारी मातृभाषा है और इसमें मन की बात करना सबसे सरल एवं सहज है। गर्व की बात है कि पूरे विश्‍व में आज हिन्‍दी सबसे ज्‍यादा सीखी जाने वाली तथा अंग्रेजी और चीनी के बाद विश्‍व प्रिय है। लाभ के लिए खुले बाजार में उपभोक्ता तक पहुंचना अत्यंत आवश्यक है और इस प्रयास में हिन्दी जनपूर्ण हो जाती है। ग्राहक संतुष्टि के लिए भी आज हिन्दी भाषा का महत्व और भी बढ़ गया है। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां हिन्दी को अपना रही हैं।

उन्होंने कहा कि इंडियन ऑयल में 2021 को अवसरों का वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। हम बरौनी रिफाइनरी के सभी साझेदारों, ग्राहकों और कर्मचारियों को ये विश्वास दिला रहे हैं कि वे अपना कामकाज निःसंकोच भाव से हिन्दी में कर सकते हैं। हम सब मिलकर हिन्दी में काम करने का भरोसा पैदा करें और अवसरों के वर्ष की शुरुआत इसी के साथ करें। हिन्‍दी के प्रयोग में संकोच करने के बजाए गर्व के साथ इसके उपयोग को बढ़ाना है। मुख्य वक्ता पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं रिफाइनरी मुख्यालय के भूतपूर्व महाप्रबंधक-प्रभारी (कॉर्पोरेट संचार, प्रशासन एवं कल्याण) डॉ. अजीत पाठक ने ब्रांड निर्माण में हिन्दी की भूमिका पर अपने व्याख्यान में कहा कि भारत विश्‍व का सबसे तेजी से विकसित होने वाला देश है। 

विदेशी कंपनियां भारत में व्‍यवसाय करने के लिए हिन्‍दी के प्रयोग पर बल दे रही है। ब्रांड भले ही अंग्रेजी में होता है, लेकिन उसकी पंच लाइन हिन्दी से ली गई होती है। इससे पता चलता है कि हिन्दी की जन स्वीकार्यता कितने बृहद स्तर पर है। कोई भी ब्रांड अगर भारत में अपनी पैठ बनाना चाहता है तो उसे हिन्दी को अपनाना ही होगा। आवश्यक है कि कामकाज में हिन्दी का अधिक से अधिक प्रयोग करें, ताकि ब्रांड को हर तबके तक पहुंचा सकें। किसी भी संस्थान के कर्मचारी उस संस्थान के सबसे बड़े ब्रांड अंबेसडर होते हैं, वो जितना काम हिन्दी में करेंगे, कंपनी का ब्रांड नाम उतना ही सुदृढ़ होगा।

मानव संसाधन महाप्रबंधक तरुण कुमार बिसई ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी तथा विश्‍व हिन्दी दिवस की ‍महत्ता पर प्रकाश डाला। कॉर्पोरेट संचार प्रबंधक अंकिता श्रीवास्तव ने बताया कि इस अवसर पर कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए हिन्दी पत्र लेखन, हिन्दी लेख, हिन्दी नारा, कविता पाठ, हिन्दी टाइपिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। 

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