विधानसभा चुनावों के लिए राष्ट्रीय लोकदल ने ठोंकी ताल

विधानसभा चुनावों के लिए राष्ट्रीय लोकदल ने ठोंकी ताल

Newspoint24 / newsdesk

मेरठ। अपनी सियासी ताकत वापस पाने को बेताब रालोद मुखिया जयंत चौधरी ने विधानसभा चुनावों में प्रचार का बिगुल फूंक दिया है। नवरात्र से जयंत ने चुनाव प्रचार का श्रीगणेश कर दिया। पूरे अक्टूबर महीने में रालोद ने जयंत चौधरी की जनसभाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है।

2014 के लोकसभा चुनावों में राष्ट्रीय लोकदल का रथ ऐसे सियासी बियाबान में खोया है कि उसे कोई रास्ता नहीं मिल रहा। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनावों में भी रालोद को पटखनी खानी पड़ी। 2019 के लोकसभा चुनावों में महागठबंधन की पतवार के सहारे भी रालोद की नैय्या किनारे नहीं लग पाई। पूर्व केंद्रीय मंत्री अजित सिंह के निधन के बाद रालोद की कमान उनके बेटे जयंत चौधरी के कंधों पर आ गई है। 2022 के उप्र विधानसभा चुनावों को रालोद नेतृत्व अपने मुफीद मान रहा है।

किसान आंदोलन से खिली रालोद की बांछें

लगभग दस महीने से चल रहे किसान आंदोलन से उपजी परिस्थितियों को रालोद अपने पक्ष में मानकर चल रहा है। इसके पीछे मुजफ्फरनगर की जनसभाओं में उमड़ी भीड़ है। रालोद की मंशा अपने परंपरागत मुस्लिम-जाट वोटरों को एकजुट करने की है। इसके लिए पूरे पश्चिम उप्र में जन आशीर्वाद यात्राएं निकाली जा रही है। पूरे अक्टूबर महीने में जयंत चौधरी ने पूरे पश्चिम उप्र को मथने का कार्यक्रम बनाया है। हेलीकॉप्टर के जरिए जयंत चौधरी एक दिन में दो जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

दादा की जन्मस्थली से शुरू की यात्रा

रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने नवरात्र के पहले दिन से अपना चुनाव प्रचार शुरू किया है। इसके लिए अपने दादा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जन्मस्थली हापुड़ जनपद के नूरपुर मढैया गांव में जनसभा से शुरूआत की। 25 अक्टूबर को मेरठ जनपद के दबथुवा गांव में भी रालोद की जनसभा आयोजित होगी। रालोद के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे हैं। इसके जरिए वोटरों का आशीर्वाद ले रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार

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