संशय में निजी स्कूल संचालक, स्कूलों को ऑनलाइन रखा जाए की ऑफलाइन

संशय में निजी स्कूल संचालक, स्कूलों को ऑनलाइन रखा जाए की ऑफलाइन

Newspoint24/संवाददाता /एजेंसी इनपुट के साथ

धमतरी। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब लोग सतर्कता बरतने लगे हैं। शहर व गांव में संचालित स्कूलों में भी अब इक्का-दुक्का कोरोना के प्रकरण मिलने के बाद कुछ स्कूलों को बंद भी किया गया है, ऐसी स्थिति में अब निजी स्कूल संचालक संचालक संशय में हैं कि स्कूलों को ऑफलाइन चलाएं या ऑनलाइन। वर्तमान में जिले के सभी स्कूल ऑफलाइन चल रहे, जिसमें छात्रों की संख्या कुछ घटी है।

देश- प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बाद इसका असर धमतरी जिले में भी देखने को मिला है। शहर की कुछ सरकारी व निजी स्कूलों में कोरोना वायरस के प्रकरण मिलने के बाद जहां स्कूलों को कुछ समय के लिए बंद किया गया, वहीं अधिकांश स्कूल ऑफलाइन चल रहे हैं।

धमतरी जिले में 212 निजी विद्यालय संचालित है। जिन्हें शासन के दिशा निर्देशों के अनुसार स्कूल का संचालन करना पड़ता है। पूर्व में कोरोनाकाल के दौरान धमतरी जिले के शासकीय व निजी विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इस लिहाज से कक्षाएं आनलाइन मोड में चली थी। कोरोना के मामले बंद होने के बाद फिर से स्कूल ऑफलाइन चलने लगी।

हाल के दौरान कोरोना के कुछ मामले मिलने के बाद कुछेक स्कूल फिर से स्कूल आनलाइन मोड में चल रहे हैं।

चार प्रतिशत से अधिक केस बढ़ने पर ही होंगे स्कूल बंद

जिला शिक्षा अधिकारी डा रजनी नेल्सन ने बताया कि शासन से स्कूलों को बंद करने का निर्देश नहीं मिला है। जिन स्कूलों में कोरोना वायरस के इक्का-दुक्का केस मिल रहे हैं, वहां स्कूल को तीन-चार दिन के लिए बंद किया गया। बाकी सभी स्कूल कोरोना गाईडलाइन का पालन करते हुए संचालित हो रहे हैं।

जिले में कोरोना का प्रकरण का प्रतिशत चार प्रतिशत या उससे अधिक हो जाता है तभी स्कूलों को पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल अपने धमतरी जिले में ऐसी स्थिति नहीं है। जिन स्कूलों में इक्का-दुक्का केस मिल रहे हैं वहां तीन-चार दिन के लिए स्कूलों को बंद कर दिया जाता है।

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