अमरावती और कुछ अन्य शहरों में हिंदू संगठनों के खिलाफ शुरू हुई पुलिस की ‘‘एकतरफा’’ कार्रवाई : फडणवीस

Police's "unilateral" action against Hindu organizations started in Amravati and some other cities: Fadnavis

फडणवीस ने कहा कि भाजपा, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के

खिलाफ ‘‘एकतरफा’ कार्रवाई रुकनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया

जाता और पुलिस हिंदू संगठनों एवं उनके कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करती रही, तो भाजपा ‘जेल भरो’ आंदोलन शुरू करेगी।

Newspoint24/ संवाददाता /एजेंसी इनपुट के साथ 

 मुंबई। भाजपा नेता और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र के अमरावती और कुछ अन्य शहरों में हाल में भड़की हिंसा राज्य में अशांति फैलाने की सुनियोजित कोशिश थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद भाजपा और हिंदू संगठनों के खिलाफ शुरू हुई पुलिस की ‘‘एकतरफा’’ कार्रवाई तुरंत रुकनी चाहिए और ऐसा न किए जाने पर भाजपा ‘जेल भरो’ आंदोलन शुरू करेगी।

फडणवीस ने राज्य में इस्लामी संगठन रजा अकादमी पर प्रतिबंध लगाने के लिए महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार को भी चुनौती दी। त्रिपुरा में कथित सांप्रदायिक घटनाओं के विरोध में रजा अकादमी सहित कुछ संगठनों की रैलियों के बाद 12 और 13 नवंबर को अमरावती और राज्य के अन्य हिस्सों में हिंसा भड़क गई थी।

फडणवीस ने रविवार को अमरावती में मसानगंज और हनुमाननगर इलाकों का दौरा किया तथा एक अस्पताल में भर्ती, हिंसा में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र सरकार पर 12 नवंबर की हिंसा की घटनाओं की अनदेखी करने और इसके अगले दिन प्रतिक्रियास्वरूप हुई घटनाओं पर ध्यान केंद्रित करने का आरोप लगाया।


महाराष्ट्र की मंत्री यशोमती ठाकुर ने कहा कि भाजपा को घटनाक्रम का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए

फडणवीस के आरोपों पर महाराष्ट्र की मंत्री यशोमती ठाकुर ने कहा कि भाजपा को घटनाक्रम का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए और फडणवीस जैसे जिम्मेदार नेता को ‘‘वोटबैंक की राजनीति’’ में लिप्त होकर माहौल को खराब नहीं करना चाहिए। ठाकुर ने यह भी कहा कि रजा अकादमी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है और इस मुद्दे पर राज्य मंत्रिमंडल में चर्चा की जाएगी।

गौरतलब है कि त्रिपुरा में सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ 12 नवंबर को प्रदर्शन कर रहे कुछ मुस्लिम संगठनों की रैलियों के दौरान राज्य के अनेक शहरों में पथराव हुआ था। अमरावती, नांदेड़, मालेगांव, वाशिम और यवतमाल जिलों से ऐसी घटनाएं सामने आई थीं। अगले दिन भाजपा द्वारा आहूत बंद के दौरान अमरावती के राजकमल चौक पर भीड़ ने दुकानों पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस को इलाके में कर्फ्यू लगाना पड़ा।

पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, ‘‘अमरावती और राज्य में अन्य जगहों पर 12 नवंबर को निकाला गया जुलूस झूठी सूचनाओं पर आधारित था। यह राज्य में अशांति पैदा करने की सुनियोजित कोशिश थी।’’

फडणवीस ने कहा कि भाजपा, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ ‘‘एकतरफा’ कार्रवाई रुकनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया जाता और पुलिस हिंदू संगठनों एवं उनके कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करती रही, तो भाजपा ‘जेल भरो’ आंदोलन शुरू करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘12 नवंबर की हिंसा की पूरी तरह अनदेखी कर केवल 13 नवंबर पर ध्यान देना अत्यंत निंदनीय है। राज्य सरकार 12 नवंबर की हिंसा पर चुप क्यों है? इस चुप्पी के पीछे मकसद क्या है? क्या वह मतों का ध्रुवीकरण चाहती है? मैं इसकी निंदा करता हूं।’’

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