700 से अधिक शिक्षकों की मौत यूपी में राज्य चुनाव आयोग लोगों की जान से खेल रहा वोटों की गिनती के पहले बोली प्रियंका

700 से अधिक शिक्षकों की मौत यूपी में राज्य चुनाव आयोग लोगों की जान से खेल रहा वोटों की गिनती के पहले बोली प्रियंका

Newspoint24 /newsdesk 

नई दिल्ली । यूपी पंचायत चुनाव में दिए गए मतों की गणना से एक दिन पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा है कि 700 से अधिक शिक्षकों ने अपनी जान गंवाई है और यूपी में जो कुछ हो रहा है, वह मानवता के खिलाफ अपराध है।

उन्होंने कहा, यूपी में जो कुछ हो रहा है, वह मानवता के खिलाफ अपराध से कम नहीं है और सीईओ लोगों की जान से खेल रहा है।

प्रियंका ने कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनाव के दौरान 700 से अधिक शिक्षकों की मौत हो गई, जिसमें एक गर्भवती महिला भी शामिल थी, जिसे पंचायत चुनाव के लिए मतदान ड्यूटी में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया था।

1 व्यक्ति, खड़े रहना और बाहर की फ़ोटो हो सकती है

जौनपुर की कल्याणी अग्रहरी शिक्षिका थीं और 8 महीने की गर्भवती थीं। चुनाव ड्यूटी के बाद कोरोना के चलते उनका निधन हो गया।

प्रशासनिक लापरवाही ने दो मासूम जिंदगियां छीन लीं। एक अनुमान के मुताबिक इन चुनावों के दौरान 500 से अधिक शिक्षकों की मृत्यु हो चुकी है।  इस मसले पर चुनाव आयोग को जिम्मेदारी तो लेनी पड़ेगी।

उन्होंने कहा, ये चुनाव यूपी के लगभग 60,000 ग्राम सभाओं में हुए हैं, कोराना की दूसरी लहर के विनाशकारी हमले की परवाह किए बिना। बैठकें की गईं, प्रचार जारी रहा और यूपी के गांवों में कोविड का फैलाव अब अजेय हो चला है। धोखेबाज आधिकारिक आंकड़ों से कहीं ऊपर, लोग बड़ी संख्या में मर रहे हैं।

फ़ोटो का कोई वर्णन उपलब्ध नहीं है.पाठ की फ़ोटो हो सकती है

उन्होंने कहा कि यूपी भर में ग्रामीण लोग मर रहे हैं और इन मौतों को कोविड से हुईं मौतों के रूप में नहीं गिना जा रहा है, क्योंकि इन लोगों की जांच ही नहीं की गई।

सरकार जो कुछ कर रही है, उसे सच्चाई को ढकने और जनता व चिकित्सा समुदाय, जो जीवन बचाने के लिए अथक प्रयास कर रहा है, दोनों को आतंकित करने के लिए डिजाइन किया गया है।

राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने घोषणा की है कि 2 मई को पंचायत चुनावों की मतगणना के दौरान कोविड सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन करते पाए जाने वालों के खिलाफ, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत कार्रवाई शुरू की जाएगी।

एसईसी ने उम्मीदवारों और उनके समर्थकों द्वारा विजय जुलूसों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी घोषणा की। इसने शुक्रवार शाम तक उम्मीदवारों को मतगणना एजेंटों की सूची जिला निर्वाचन अधिकारियों को सौंपना अनिवार्य कर दिया।

राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने निर्देशों का एक पुलिंदा जारी किया है, जिसके मुताबिक उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों के मतगणना केंद्र में जाने के लिए 48 घंटे पहले जारी की गई आरटी-पीसीआर या रैपिड एंटीजन टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी।

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