छठ पूजा पर मांग बढ़ने से मीरजापुर के पीतल उद्योग में लौटी रौनक

मीरजापुर के पीतल उद्योग

Newspoint24 /newsdesk /एजेंसी इनपुट के साथ 

छठ के लिए पीतल के सूप व अन्य बर्तनों का मिला आर्डर

एक महिने में हुआ पांच करोड़ रुपये से ज्यादा का करोबार

मीरजापुर। बिहार में छठ पूजा के लिए उपयोग में लाए जाने वाले पीतल से तैयार सूप और पीतल के अन्य बर्तन की मांग बढ़ गई है। जिले के पीतल बर्तन व्यवसायी आगामी छठ पूजा के लिए करीब चार से पांच करोड़ रुपये का पीतल का सूप, आरती दानी, देवी-देवताओं को जल चढ़ाने के लिए तैयार किए गए लुटिया की आपूर्ति कर चुके हैं। मंदी से जूझ रहे बर्तन व्यवसाइयों की रोलिंग मिलों का संचालन शुरु हो गया है।

जिले के प्राचीन उद्योगों में शामिल पीतल बर्तन उद्योग कोरोना संक्रमण के कारण बीते दो वर्ष से मंदी की दौर से गुजर रहा था। शादी-विवाह एवं अन्य धार्मिक आयोजनों पर शासन से सीमित कर दिए जाने के कारण जिले का पीतल बर्तन उद्योग भी प्रभावित हो गया था। नगर में स्थित रोलिंग मशीनों का संचालन सीमित हो गया था। नया आर्डर न मिलने के कारण पीतल बर्तन व्यवसायी खासे परेशान हो गए थे। इस उद्योग से जुड़े लगभग 50 हजार श्रमिक भी बेरोजगार हो गए थे। कोरोना का संक्रमण कम होने के साथ ही विभिन्न आयोजनों पर लगी आंशिक रोक को हटा लिए जाने के बाद पीतल बर्तन उद्योग को काफी लाभ हुआ है।

मीरजापुर मेटल मैन्यूफैक्चर एसोसिएशन के अध्यक्ष व पीतल बर्तन व्यवसायी मोहन अग्रवाल एवं पीतल बर्तन व्यवसायी विश्वनाथ अग्रवाल की मानें तो बीते माह लगभग चार से पांच करोड़ रुपये का पीतल बर्तन केवल बिहार को आपूर्ति की गई है। इसके अलावा अन्य प्रांतों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, बंगाल और उड़ीसा तक पीतल से बने बर्तन की आपूर्ति होती है। बिहार से इस समय छठ पूजा के मद्देनजर पीतल के सूप की डिमाण्ड सर्वाधिक है। इसकी आपूर्ति की जा रही है।

मीरजापुर के पीतल उद्योग को हाल ही में मिला है जीआई टैग

पीतल बर्तन उद्योग को हाल ही में जीआई टैग मिलने से अब यह किसी पहचान का मोहताज नहीं रहा। अब जिले के पीतल बर्तन उद्योग की पहचान ग्लोबल हो गई है। साथ ही इसकी विश्वसनियता भी बढ़ गई। अब इस उद्योग को बेहतर बनाने में उद्यमियों को काफी मदद मिलेगी।

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