असि नदी परिक्रमा यात्रा निकाल लोगों को किया जागरूक,बताया इन्सानों ने क्या खोया

असि नदी परिक्रमा यात्रा निकाल लोगों को किया जागरूक,बताया इन्सानों ने क्या खोया

Newspoint24 / newsdesk /एजेंसी इनपुट के साथ 

वाराणसी। असि नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए रविवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं के एक दल ने असि-गंगा संगम तट (संत रविदास घाट) पर पूजन अर्चन कर असि नदी परिक्रमा यात्रा निकाली। यात्रा करौदी, आदित्य नगर, चितईपुर, कन्दवा होते हुए वापस कंचनपुर, इंद्रानगर, नेवादा, सुन्दरपुर, ब्रम्हानन्द, रवीद्रपूरी होते हुए असि-संगमेश्वर का दर्शन-पूजन कर असि घाट पर पूर्ण हुई।

यात्रा की अगुवाई करने वाले नदी कार्यकर्ता कपींद्र तिवारी ने बताया कि पुराणों में असि नदी के महात्म से जुड़ी ढेरों कथाएं शामिल हैं। जिसमें शम्भु-निशुंभ के वध के पश्चात मां भगवती द्वारा अपना कटार फेंकने और उससे एक पवित्र जल धारा फूट पड़ने की कथा भी शामिल है। इसलिये ये यात्रा नवरात्रि में होती रही है जिससे मां भगवती की कृपा प्राप्त हो सके।

ये चुनौती पूर्ण यात्रा विकास वाद के पैरोकारों से ये सवाल कर रही है कि इन्सानों ने इस चकाचौंध में कितना कुछ खोया है। नदी परिक्रमा पथ न जाने कब के गायब हो चुके हैं। कहीं कहीं तो इसके ऊपर से ही पाट कर भवन निर्माण कर लिये गये हैं। विकास की आंधी और आधुनिकता का नशा समाज पर इस कदर छाया हुआ है कि वो सब कुछ रौद कर आगे बढ़ जाना चाहता है। परिक्रमा पथ पर चलने के दौरान कुछ ऐसा ही प्रतीत हुआ।

यात्रा में शामिल नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि असि नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए संस्था कटिबद्ध है। असि नदी में गिर रहे मल-जल को गंगा में जाने से रोकने के लिए नमामि गंगे राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन रमणा में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार करा रहा है। एसटीपी का कार्य निर्वाध गति से चल रहा है। भविष्य में असि नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए सभी जरूरी उपाय भी किए जाएंगे। दल में स्वामी सर्वानंद सरस्वती, मोहन पटेल, शिवेन्द्र , जागृति फाऊंडेशन के रामयश मिश्र, भारत विकास परिषद के राकेश मौर्य,वानप्रस्थ समाजिक संस्था के राकेश मिढ्ढ़ा, भारत विकास संगम के संजय शुक्ला, वासुदेवाचार्य, राष्ट्रीय स्वाभिमान आन्दोलन के बृजेश सिंह आदि शामिल रहे।
 

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