कानपुर के दुष्कर्म आरोपित प्रो. वीएन पाल के खिलाफ कोर्ट में पूरे हुए साक्ष्य

Newspoint24 / newsdesk

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कानपुर । दुष्कर्म मामले के आरोपित प्रोफेसर वीएन पाल के खिलाफ वादिया द्वारा कोर्ट को साक्ष्य उपलब्ध करा दिये गयें। वहीं प्रोफेसर के अधिवक्ता ने भी बचाव को लेकर साक्ष्य प्रस्तुत किये। साक्ष्य का समय पूरा होने पर अब अभियोजन पक्ष और प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता मामले में जिरह करेंगे और उसी के अनुसार साक्ष्यों को देखते हुए कोर्ट फैसला देगी। ऐसे में अगर फैसला प्रोफसर के खिलाफ आ गया तो उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में गणित विभाग के तत्कालीन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विजय नारायण पाल (वीएन पाल) पर 17 सितम्बर 2010 को उन्ही के घर पर रह रही 30 वर्षीय महिला किराएदार ने दुष्कर्म के प्रयास का बिठूर थाना में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके अगले ही दिन बाद बिठूर थानाध्यक्ष दिलीप कुमार बिंद ने आरोपित प्रोफसर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल में भेज दिया। इस पर विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति हर्ष कुमार सहगल ने प्रोफेसर वी एन पाल को निलंबित कर दिया था। यही नहीं पुलिस ने जब प्रोफेसर पाल को अदालत में पेश किया था तो कई महिला संगठनों ने उनके खिलाफ नारेबाजी भी की थी।

इसके बाद से एडीजे पंचम की कोर्ट में मामला चलता रहा और 28 जनवरी 2021 को मामला एडीजे 22 की कोर्ट में पहुंच गया। करीब डेढ़ सौ बार पड़ी तारीखों के बाद 10 सितम्बर को साक्ष्य देने की अंतिम तारीख पड़ी थी। एडीजे 22 न्यायालय के शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि दोनों पक्षों से कोर्ट में साक्ष्य प्रस्तुत किये गये हैं और साक्ष्य देने की अवधि अब खत्म हो गई है। साक्ष्य पूरे होने के बाद अब जिरह होगा और विकास गुप्ता की कोर्ट जल्द फैसला दे सकती है। बताया कि मामले में जिरह की अगली तारीख इसी माह 15 सितम्बर को होगी।

हिन्दुस्थान समाचार

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