कानपुर : पनकी मंदिर में एक बार फिर आमने-सामने आएं महामंडलेश्वर, झड़प पर कार्रवाई की मांग

कानपुर : पनकी मंदिर में एक बार फिर आमने-सामने आएं महामंडलेश्वर, झड़प पर कार्रवाई की मांग

Newspoint24 / newsdesk

कानपुर । कानपुर के एतिहासिक श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर पनकी पर मंगलवार को जब धूमधाम से बुढ़वा मंगल मनाया जा रहा था, तभी मंदिर के दो महामंडलेश्वर के बटुकों में झड़प हो गई। इस पर एक बार फिर दोनों महामंडलेश्वर आमने-सामने आ गये और सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों एक-दूसरे पर कार्रवाई की मांग करने लगे। काफी देर तक हो रहे हंगामे के बीच भक्त भी सहम गये और किसी ने दर्शन किया तो कोई बिना दर्शन के ही लौट गया।

पनकी मंदिर के महंत बाबा रमाकांत दास का पिछले वर्ष मई माह में स्वर्गवास हो गया था, तभी से मंदिर में उनकी गद्दी पर उत्तराधिकारी को लेकर विवाद चल रहा है। कई बार मारपीट से लेकर थाना और प्रशासन तक मामला पहुंचा और अयोध्या में मंहत नृत्य गोपाल दास भी मध्यस्थता कर चुके हैं। लेकिन मामला निपट नहीं रहा है और करोड़ों रुपये की मंदिर संपत्ति को लेकर उत्तराधिकारी का दावा श्रीकृष्ण दास, सुरेश दास और बालक दास दावा कर रहे हैं। वहीं महंत जितेंद्र दास और उनके भाई जर्नादन दास भी दावा कर रहे हैं। मंदिर में गद्दी को लेकर चल रही उठापटक एक बार फिर मंगलवार को बुढ़वा मंगल के अवसर पर झगड़ा के रुप में बदल गई। हुआ यूं कि बुढ़वा मंगल पर श्रीपंचमुखी हनुमान मंदिर में मंगला आरती के बाद शुरू दर्शन में बटुकों के बीच आपस में कहासुनी हो गई। अपने अपने भक्तों को दर्शन कराने को लेकर कहासुनी कुछ ही देर में झड़प में परिवर्तित हो गई और वेद पाठशाला के बच्चे भी बाहर आ गए। मंदिर में कार्यरत शिष्यों के बीच विवाद देखकर बाहर आए महामंडलेश्वर श्री कृष्ण दास और महामंडलेश्वर जितेंद्र दास के बीच जमकर कहासुनी हुई। इस बीच पनकी थाना पुलिस ने पहुंचकर दर्शन करा रहे शिष्यों को परिसर से बाहर कर दिया, जिसके बाद हाथापाई की नौबत आ गई। हालांकि पुलिस बल ने मंदिर परिसर में सख्ती दिखाते हुए मामला शांत कराया।

महामंडलेश्वरों का कहना

महामंडलेश्वर जितेंद्र दास महाराज ने कहा कि वेद पाठशाला के बच्चे भक्तों को दर्शन कराने में लगे हुए थे इसी बीच मंदिर में तैनात सेवादारों ने उनको अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट की। उन्होंने वेद पाठशाला के शिष्यों को पीटे जाने की बात को निंदनीय बताया। महंत श्री कृष्ण दास महाराज ने बताया कि वेद पाठशाला के कुछ शिष्यों के साथ कुछ अराजक लोग मंदिर की छवि को धूमिल करना है आस्था के पर्व के दिन विवाद होना गलत बात है। उन्होंने कहा कि इससे भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचती है। दोनों महामंडलेश्वरों ने एक-दूसरे पर कार्रवाई की पुलिस से मांग की।

हिन्दुस्थान समाचार

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