गौरैया मौत मामले में जीडीए ने टावर के मकान मालिक को थमाया नोटिस

newspoint24.com / newsdesk In sparrow death case, GDA gave notice to the landlord of the tower

Newspoint24.com / newsdesk 

गाजियाबाद। प्रताप विहार में मोबाइल टावरों के पड़ी मिली गौरैया और उनके बच्चों की मौत की असल वजह जानने के लिए वन विभाग ने उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने मकान मालिक को नोटिस जारी किया है जिसके मकान में टावर लगा हुआ है। 

 आपको बता दे कि प्रताप विहार जी ब्लॉक भवन संख्या 183 ए ,सेक्टर 11 में मौजूद मोबाइल टावरों के समीप गौरैया के बसेरे के लिए लगभग 650 मानव निर्मित घरौंदे बने हुए हैं। इन घरौंदा का निर्माण गौरैया संरक्षक पर्यावरणविद निर्मल कुमार ने किया है। यहां पर मोबाइल टावरों के पास कुछ गौरैया व बच्चे पड़े मिले थे। 

 निर्मल का आरोप है कि इन टावरों से निकलने वाली रेडिएशन के कारण गौरैया और उनके बच्चों की असामयिक मौत हुई है। उन्होंने कई विभागों में इसकी शिकायत की।

 इस संबंध में वन विभाग के फॉरेस्ट इंस्पेक्टर अशोक गुप्ता ने बताया कि मौत का असल कारण जानने के लिए स्थानीय वन विभाग ने मृत गौरैया के बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वही जीडीए के अवर अभियंता अवर अभियंता योगेश पटेल ने बताया कि यह टावर अनाधिकृत है और इसे लगाने के लिए प्राधिकरण से कोई भी अनुमति नहीं ली गई थी।

 उन्होंने यह भी बताया आवासीय क्षेत्र में किसी भी प्रकार का मोबाइल टावर लगाना गैरकानूनी है। उन्होंने बताया कि 15 जून को इस मामले की सुनवाई के बाद प्राधिकरण का दस्ता किसी भी समय इस टावर को ध्वस्त कर सकता है उन्होंने यह भी बताया कि टावर को डीएक्टिवेट करने के लिए संबंधित कंपनी को भी लिखा गया है। मकान मालिक को नोटिस जारी किया गया है। 

Share this story