बुन्देलखण्ड में हर घर जल योजना की कमान पांच राज्यों से डिवार कम्पनी के हाथ

बुन्देलखण्ड में हर घर जल योजना की कमान पांच राज्यों से डिवार कम्पनी के हाथ

Newspoint24 / newsdesk

झांसी । बुन्देलखण्ड में हर घर जल योजना की कमान पांच राज्यों से डिवार कम्पनी के हाथ बुन्देलखण्ड में प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट हर घर जल योजना पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे भ्रष्ट अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ बुन्देलखण्ड किसान यूनियन ने भसनेह के समीप योजना के मुख्य कार्यालय के सामने धरना दिया।

प्रदर्शन कर रहे किसान यूनियन ने भ्रष्ट अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस कम्पनी को पांच राज्यों में डिवार किया गया है। उसी के हाथ प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को हवाले आखिर कैसे कर दिया गया।

बुन्देलखण्ड किसान यूनियन के अध्यक्ष विमल शर्मा के नेतृत्व में भसनेह व बड़वार बांध के बीच सड़क किनारे बैठकर दर्जनों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने करीब 900 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट हर घर जल के कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि परियोजनाओं में कुछ भ्रष्ट अधिकारियों एवं ठेकेदारों द्वारा मनमानी और गड़बड़ी की जा रही है। जिसके कारण अधोमानक उत्पादों की सामग्री एवं पाइप खरीदवाकर बुन्देलखण्ड में प्रधानमंत्री की इस महत्वकांक्षी पेयजल योजना पर प्रश्नचिन्ह लगाने का काम किया जा रहा है।

बुन्देलखण्ड किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने बताया कि कार्यदायी संस्था राज्य पेयजल एवं स्वछता मिशन लघु सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियता आलोक सिन्हा एवं डी के सिंह पूर्व में इलाहाबाद चैक डैम निर्माण में घोटालेबाज रहे हैं। उन्ही अनुभवहीन अभियंताओं को इस महत्त्वकांक्षी परियोजना का कार्य दे रखा है। उन्होंने कहा कि लघु सिचाई विभाग में करोड़ों का घोटाला उजागर हुआ है। इसका खुलासा इलाहाबाद भाजपा विधायक की चिट्ठी से हुआ था। अब वही अभियंता उच्चाधिकारियाें की सांठगांठ से इस योजना को बुन्देलखण्ड में देख रहे हैं।

इसी तरह उनके साथ अन्य भ्रष्ट अधिकारी सीके सिंह अधीक्षण अभियंता भी हैं। वह भी मनवाने ढंग से प्रधानमंत्री के इस ड्रीम प्रोजेक्ट में अधोमानक पाई गई कम्पनी व कई राज्यों में डिवार हुई कम्पनी से आपूर्ति करवा रहे हैं। जिसके कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट फेल होता प्रतीत हो रहा है। ऐसा भी प्रतीत हो रहा है कि बुन्देलखण्ड के लोगों को स्वच्छ पेयजल लम्बे समय तक उपलब्ध नहीं हो पाएगा और उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। इस भ्रष्टाचार और मनमानी को रोकने तथा बुन्देलखण्ड वासियों को स्वच्छ पेयजल मिले इसके लिये बुन्देलखण्ड किसान यूनियन ने 04 जुलाई को केन्द्रीय जल शक्ति मन्त्री गजेन्द्र शेखावत के चित्रकूट दौरे पर ज्ञापन भी दिया था। उन्होंने बताया कि इसके बाद वह झांसी जिलाधिकारी से मिलकर उनके माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व जल शक्ति मंत्री को ज्ञापन सौपेंगे।

ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर महामंत्री संगठन अनिल शर्मा, राधारमन बाजपेई, सुरेन्द्र सिंह पप्पू, पुष्पेन्द्र पटेल, राकेश साहू, ब्रम्हानन्द पटेल, सुरेश पटेल, संतोष पटेल, मुन्नीलाल, प्रदेश अध्यक्ष किरन कुमारी पाठक आदि दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहें।
 

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