आइआइटी कानपुर ने योगी सरकार की सफलता पर लिखी शोध पुस्तक, मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

आइआइटी कानपुर ने योगी सरकार की सफलता पर लिखी शोध पुस्तक, मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

Newspoint24 / newsdesk

लखनऊ । कोविड काल-2 में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की सफलता पर आईआईटी कानपुर की टीम ने शोध पत्र जारी किया है। मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ ने सोमवार को यहां लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस शोध पुस्तिका का विमोचन करने के साथ ही अन्त्योदय राशकार्ड धारकों को आयुष्मान कार्ड भी वितरित किये। प्रदेश के कोविड प्रबंधन पर आधारित आईआईटी कानपुर के इस शोध पत्र में यूपी की योगी सरकार की तारीफ़ की गयी है।





शोध पुस्तिका में यूपी सरकार के कोरोना माहामारी के दौरान उठाए गए कुशल कदमों का जिक्र किया गया है। कानपुर आईआईटी ने यह रिपोर्ट डीटेल स्टडी कर प्रकाशित की है। प्रवासी श्रमिकों को लेकर योगी सरकार के उठाये गए कदमों की भी की चर्चा की गई है। प्रवासी कामगारों को रोजगार से जोड़ने के लिए योगी सरकार के कदमों की भी सराहना की गयी है। पुस्तक में डाटा के माध्यम से विस्तृत जानकारी साझा की गई है।







कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग आयुष्मान भारत योजना से आच्छादित होने में रह गए थे। उन्हें मुख्यमंत्री आरोग्य योजना के तहत लाभ दिया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना से देश के अंदर 50 करोड़ लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में छह करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस योजना से जोड़ा गया है। पांच लाख रुपये तक का इलाज इस योजना के माध्यम से मुफ्त में किया जा रहा है। बहुत से ऐसे परिवार थे जो इससे छूट गए थे, वह अपने आप को उपेक्षित महसूस न करें इसलिए राज्य सरकार ने ऐसे आठ लाख 43 हजार परिवारों को विशेष रूप से जोड़ा गया। लाभान्वित होने वालों की संख्या करीब 45 लाख तक पहुंची।







प्रदेश में प्रवासी और निवासी श्रमिकों जिनका श्रम विभाग में पंजीकरण है, उन्हें दो लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा की बीमा दे रहे हैं। पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा कवर दे रहे हैं। प्रदेश से लेकर दूसरे प्रदेश में रहने वाले उत्तर प्रदेश के श्रमिकों को दो लाख की सामाजिक सुरक्षा के रूप में बीमा कवर और पांच लाख के स्वास्थ्य बीमा की योजना दी गई है। आज 40 लाख लोगों को इस योजना से जोड़ा जा रहा है।







मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आयुष्मान योजना में लोगों को जीने की राह दिखाई है। हम सब जानते हैं की हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को पर प्रधानमंत्री मोदी का बेहद जोर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एम्स की संख्या छह से बढ़ाकर 22 कर दी है। वर्ष 2000 तक केवल एक एम्स था। अटल जी सरकार में इसकी संख्यक बढ़ी थी। इसके बाद ठहराव हो गया था। उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां आजादी से लेकर 2017 तक केवल 12 मेडिकल कॉलेज से अब हमारी सरकार उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना कर रही है। पांच साल का कार्यकाल पूरा होते-होते प्रदेश के सभी जिलों में एक मेडिकल कॉलेज जरूर होगा।







योगी ने कहा कि कोरोना काल में केजीएमयू में एक लैब की स्थापना की गई जिसमें 72 जांच करने की व्यवस्था शुरू हुई। फिर उसे 100 तक बढ़ाया गया। उसकी क्षमता एक हजार प्रतिदिन की गई। कोविड जांच की क्षमता बढ़ाते-बढ़ाते हम चार लाख तक पहुंच गए हैं। आज हम चार लाख कोविड सेम्पल की जांच हर दिन कर सकते हैं। यह जब संभव हुआ जब हम एकजुट होकर लगातार काम करते रहे। 20 मार्च 2020 को टीम-11 का गठन किया। आज भी टीम-9 की बैठक कर कोविड व्यवस्था की समीक्षा की है। केवल स्वास्थ्य विभाग काम करके ही कोविड को नहीं रोक सकता था। इसमें सभी विभागों ने मिलकर काम किया है। ग्रामीण विकास नगर विकास विभाग ने स्वच्छता पर जोड़ दिया। उसी का आज परिणाम है कि कोविड-19 हम जैपनीज एन्सेफेलाइटिस जैसी बीमारी पर भी काबू पाए हैं। प्रदेश में 549 ऑक्सीजन प्लांट लगने हैं। उनमें से 497 ऑक्सीजन प्लांट लगा चुके हैं।







स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि बेहतरीन प्रबंधन की वजह से उत्तर प्रदेश में कोरोना नियंत्रित है। एक दिन में हम लोगों ने 38 लाख तक वैक्सीनेशन किया है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा विद्वतजन विनोद पाल ने जिस तरह से योगी सरकार के कार्यों की सराहना की है, उसी प्रकार से ऑस्ट्रेलिया के सांसद समेत दुनिया भर की तमाम संस्थाओं ने योगी सरकार के कार्यों की सराहना की है। महाराष्ट्र से लेकर कर्नाटक तक विभिन्न राज्यों से अगर तुलना की जाए तो उत्तर प्रदेश ने बेहतर कार्य किया है। हर क्षेत्र में हमने बहुत बड़ी सफलता प्राप्त की है इसका सबसे ज्यादा श्रेय किसी को जाता है तो वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है उन्होंने पूरी तैयारी करके पारदर्शी तरीके से चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ किया है जैपनीज एन्सेफेलाइटिस को लेकर उन्होंने संसद से लेकर सड़क तक संघर्ष किया है। योगी आदित्यनाथ जिस दिन से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं, तब से बिना थके, बिना रुके, प्रदेश की सेवा कर रहे हैं। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना परास्त हो गया है। इनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी हुई है। बेरोजगारी घटी है।







आइआइटी कानपुर की तरफ से कोविड संग्राम,यूपी मॉडल: नीति, युक्ति, परिणाम शीर्षक से लिखी गई इस पुस्तक का लेखन एवं सम्पादन प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल ने किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुस्तक को राज्य ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों तक पहुंचाया जाए ताकि वहां के लोग भी इससे लाभान्वित हो सकें। इस मौके पर अन्त्योदय राशन कार्ड धारकों को आयुष्मान कार्ड भी वितरित किये गये। कार्यक्रम में नीति आयोग, आइआइटी कानपुर, टीम-9 के अधिकारी समेत अन्य महत्वपूर्ण लोग मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार

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