मऊ में सैकड़ों साल पुरानी मिली दो मूर्तियां, किस देवता की हैं बनी अबूझ पहेली

मऊ में सैकड़ों साल पुरानी मिली दो मूर्तियां, किस देवता की हैं बनी अबूझ पहेली
Newspoint24 /newsdesk /एजेंसी इनपुट के साथ



मऊ। मधुबन तहसील के दुबारी क्षेत्र अन्तर्गत स्थित बीरा बाबा ब्रह्म के परिसर में स्थित राम जानकी मंदिर का जर्जर दिवाल गिरने के उपरांत मलबे की सफाई करते समय सैकड़ों साल प्राचीन की दो मूर्तियां पायी गई है, लेकिन यह किस काल या किस देवता की प्रतिमाएं हैं अबूझ पहेली बना हुआ है। जैसे ही यह बात क्षेत्र में फैला लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी तथा हर व्यक्ति मूर्ति की पहचान करने में जुटा रहा, लेकिन यह किसकी मूर्ति है प्रमाणित नहीं कर पाये।

मधुबन क्षेत्र के दुबारी अन्तर्गत बीरा बाबा ब्रह्म का स्थान लोगों के लिए आस्था एवं विश्वास का प्रतीक है। मान्यता है कि सच्चे दिल से यहां मत्था टेकने वाले कि हर मुरादें पूरी होती है। यहां प्रत्येक सोमवार एवं शुक्रवार को भक्तों का जन सैलाव उमड़ता है। साथ ही सप्ताह के सभी दिन ब्रह्म बाबा के पूजा अर्चना में भक्त लीन रहते हैं।

इस परिसर में सैकड़ों साल पुरानी राम-जानकी मंदिर स्थापित है जो जर्जर हो चला है, जिसकी आंशिक दिवार गिर गई। दिवार के मलवे हटाने के दौरान सैकड़ों साल पुरानी पत्थर की दो मूर्तियां पायी गई, लेकिन यह किस काल एवं किस देवी-देवता की है यह पुष्टि नहीं हो पाया।

वहीं प्रतिमाओं को रखकर श्रद्धालुओं द्वारा पूजा अर्चना शुरू कर दिया गया है। इस संबंध में मंदिर के पुजारी पीयूष पर्वत ने बताया कि मूर्तियों की पहचान न होने की दशा में इसकी सूचना पूरातत्व विभाग वाराणसी को दी जायेगी, जिनके शोध के बाद ही प्रमाणित हो पायेगा कि यह प्रतिमाएं किस देवी-देवता एवं किस काल की है।

इस संबंध में उपजिलाधिकारी रामभवन तिवारी का कहना है कि मामला संज्ञान में आने के बाद मूर्तियों की जांच कराई जाएगी।

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