अदालती आदेश की पालना नहीं करें तो दोषी सीएमएचओ का वेतन जारी नहीं करें- हाईकोर्ट

Newspoint24/संवाददाता /एजेंसी इनपुट के साथ

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जयपुर । राजस्थान हाईकोर्ट ने अदालती आदेश और राज्य सरकार की मंजूरी के बाद भी चिकित्सा विभाग में कार्यरत मल्टी परपज वर्कर को चयनित वेतनमान का लाभ नहीं देने पर चिकित्सा निदेशक को आदेश दिए हैं कि वे संबंधित सीएमएचओ को आदेश की पालना चार सप्ताह में करने के निर्देश दें।

यदि सीएमएचओ आदेश की पालना करने में विफल रहे तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करें और उनका वेतन जारी नहीं करे। जस्टिस सुदेश बंसल ने यह आदेश योगदत्त शर्मा व अन्य की अवमानना याचिकाओं पर दिए। अदालत ने मामले की सुनवाई 23 फरवरी को तय करते हुए चिकित्सा निदेशक को कहा है कि वे अदालती आदेश की पालना और दोषी सीएमएचओ पर की गई कार्रवाई के संबंध में अपना निजी शपथ पत्र पेश करें।

मामले के अनुसार याचिकाकर्ताओं ने अवमानना याचिका दायर कर कहा कि वे विभाग में एमपीडब्ल्यू पद पर कार्यरत हैं। उन्हें चयनित वेतनमान का लाभ नहीं देने पर हाईकोर्ट में याचिकाएं पेश की गई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने 6 अप्रैल 2019 को आदेश जारी कर उन्हें लाभ देने के लिए कहा थ।

हाईकोर्ट के आदेश के पालन में चिकित्सा निदेशक ने भी 26 नवंबर 2021 को आदेश जारी कर उन्हें सलेक्शन स्केल का लाभ देने का निर्देश सभी सीएमएचओ को जारी कर दिया। इसके बावजूद संबंधित सीएमएचओ आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं और उन्हें सलेक्शन स्केल के अनुसार वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है।

इसलिए अदालती व राज्य सरकार के आदेश का पालन करवाया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने आदेश की पालना नहीं करने पर दोषी अधिकारी पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। 

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