ग्वालियर: सुख में प्रभु स्मरण करें तो दुख नजदीक नहीं आते

ग्वालियर: सुख में प्रभु स्मरण करें तो दुख नजदीक नहीं आते

Newspoint24 / newsdesk

ग्वालियर । हर राह में जगह-जगह कांटे बिखरे मिलेंगे। इसलिए हमें धर्म की राह पर चलते हुए जीवन के सफर में आगे बढऩा होगा। व्यक्ति यदि वह सुख के समय में भी प्रभू स्मरण करे तो कभी दुख नजदीक नहीं आता।

यह बात राष्ट्रसंत मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज ने रविवार को नई सड़क स्थित चंपाबाग धर्मशाला में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कही। इस मौके पर विजयेश सागर महाराज, मुनिश्री विनिबोध सागर महाराज व ऐलक विनियोग सागर महाराज मौजूद थे।

मुनिश्री ने कहा कि हमें अपनी जिंदगी को बेबसी व मुश्किलों से दूर कर कर्तव्यों की ओर गतिमान होना है। सही रास्ते पर ले जाने वाले व्यक्ति को ही माता-पिता कहलाने का अधिकार है और इसलिए माता-पिता को प्रथम गुरू कहा गया है।

मुनिश्री ने धर्म को सुख का मार्ग बताते हुए कहा कि भौतिक चीजों में सुख नहीं है। आत्मशुद्धि में परम सुख है। इसलिए हमें अपने अंदर सुख की खोज करनी है। मुनिश्री ने कहा कि हमें हमेशा यह नहीं देखना चाहिए कि हमने क्या पाया है, बल्कि यह देखना चाहिए कि हमने अर्पण क्या किया है। हमें रिश्तों व आस-पड़ोस को सहेज कर रखना होगा। मंत्रों के बीच मुनिश्री ने अपने हाथों से केश लोचन किया।
 

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