गणेश चतुर्थी: ढोल-नगाड़ों के साथ पंडालों और घरों में हुई गणपति की मूर्ति स्थापना

 Newspoint24 / newsdesk

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मेरठ । गणेश चतुर्थी का त्योहार अब जन-जन के बीच पहुंच गया है। पश्चिम उप्र में भी गणेश चतुर्थी की धूम चारों ओर दिखाई दे रही है। शुक्रवार को ढोल-नगाड़ों के साथ पंडालों और घरों में गणपति की मूर्ति स्थापना हुई। कोरोना काल के बाद इस बार गणपति की मूर्ति खरीदने में लोगों का रुझान बढ़ा।

महाराष्ट्र में शुरू हुए गणेश उत्सव समारोह की धूम अब पूरे देश में फैल गई है। पश्चिम उप्र के जिलों में भी गणेश चतुर्थी पर गजानन की मूर्ति स्थापित करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। शहर और देहात में गणेश मूर्ति स्थापित करने में लोग आगे आ रहे हैं। घरों के साथ-साथ पंडालों में मूर्ति स्थापित करने में भी लोगों की रुचि बढ़ी है।

कोरोना काल के बाद ज्यादा बिकी मूर्तियां

कोरोना काल के बाद इस बार गणेश चतुर्थी पर गजानन की मूर्तियों की बिक्री में उछाल आया है। सैनिक विहार कंकरखेड़ा स्थित कान्हा पोशाक सेंटर के निदेशक विजय मान ने बताया कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार गणपति की दोगुनी मूर्तियों की बिक्री हुई है। लोगों की श्रद्धा गजानन की मूर्ति खरीदने में बढ़ी है। शहर के बाजारों में गणपति मूर्ति खरीदने के लिए लोगों की भीड़ रही।

ईको फ्रेंडली मूर्तियां खरीदने पर जोर

प्रदूषण के कारण इस बार ईको फ्रेंडली गणपति मूर्ति खरीदने में लोगों की दिलचस्पी ज्यादा रही। छात्रा तन्वी मान और आशवी पलक का कहना है कि प्रदूषण पूरी दुनिया के पर्यावरण के लिए खतरा बना हुआ है। इसलिए प्रदूषण कम करने की कोशिश हमें खुद करनी होगी। इसके लिए ईको फ्रेंडली मूर्ति खरीदी गई है। भक्ति में भी हमें प्रकृति संरक्षण के बारे में सोचना होगा। इससे भगवान भी खुश होंगे।

गणपति की सवारियां निकाली गई

महानगर में चारों ओर गणेश चतुर्थी की धूम रही। लोगों ने बैंड-बाजो के साथ गणपति की सवारी निकाली और डांस किया। लोगों ने गणपति को अपने घर में विराजमान किया और पूजा-अर्चना की। गणपति बप्पा के जयघोष से आसमान गूंज उठे।

हिन्दुस्थान समाचार

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