भोजपुर में कोरोना विस्फोट को लेकर जिला प्रशासन की उड़ी नींद

भोजपुर में कोरोना विस्फोट को लेकर जिला प्रशासन की उड़ी नींद

Newspoint24/संवाददाता /एजेंसी इनपुट के साथ

आरा । वैश्वीक महामारी कोरोना की तीसरी लहर ने भोजपुर जिला प्रशासन,स्वास्थ्य विभाग और नागरिको की नींद उड़ा कर रख दी है।भोजपुर जिले में कोरोना महाविस्फोट हुआ है और जिले के बिहियाँ स्थित नवोदय विद्यालय में 40 छात्रो की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

नवोदय विद्यालय के 40 छात्रो के साथ ही जिले में कुल 57 लोग कोरोना की चपेट में आ गए हैं।जिले में आंधी और तूफान की तरह आगे बढ़ रहे कोरोना के तीसरे लहर ने शहर से लेकर गांव तक हड़कम्प मचा दिया है।लोग कोरोना के युध्दस्तर पर बढ़ते संक्रमण और खतरे को ले एहतियात बरतना शुरू कर दिए हैं।

जिला प्रशासन की तरफ से भी सुरक्षा के सभी इंतजाम करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है।भोजपुर के जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने कोरोना की तीसरी लहर को रोकने को लेकर सुरक्षा संबंधी सभी इंतजामो की कमान स्वयं संभाल ली है।

जिलाधिकारी ने आरा सदर अस्पताल, जगदीशपुर अनुमंडलीय अस्पताल,प्रखण्डों के स्वास्थ्य केंद्रों,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित सभी सरकारी अस्पतालों में कोरोना मरीजो के इलाज की सभी आवश्यक सुविधाओं को बहाल करने की दिशा में कार्रवाई पूरी कर लेने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दे दिया है और वे स्वयं पूरे व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने में जुट गए हैं।

जिलाधिकारी के निर्देश पर कोरोना जांच के दायरे को बढ़ा दिया गया है।बिहियाँ के जवाहर नवोदय विद्यालय में रैपिड एंटीजन किट से एक सौ छात्रो की जांच की गई जिसमें से 40 छात्रो की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।एक साथ इतनी बड़ी संख्या में छात्रो की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद बिहियां सहित पूरे जिले में हड़कम्प मच गया है।

दो दिन पहले भी नवोदय विद्यालय बिहियां के 17 छात्रो की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।इनमे छः छात्राएं भी कोरोना संक्रमित हुई हैं।

बताया जाता है कि बीते 24 और 26 दिसंबर को नवोदय विद्यालय बिहियाँ में एलुमिनी मीट हुआ था जिसमे अलग अलग जगहों से पूर्ववर्ती छात्र छात्राएं भी शामिल होने आए थे।दोनों दिन के कार्यक्रमो के आयोजन में पटना से नवोदय विद्यालय संगठन के अधिकारी भी शामिल होने यहां पहुंचे थे।

बीते 26 दिसंबर को आयोजित एलुमिनी मीट का उद्घाटन भोजपुर के जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने किया था।जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने कोरोना टिकाकरण के कार्यो में तेजी लाने का निर्देश भी प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिया है।

राज्य के मुख्य सचिव के आदेश के बाद अब रैपिड एंटीजन किट से जांच में पॉजिटिव पाए जाने वाले लोगो की दुबारा आरटीपीसीआर जांच नही कराई जाएगी।बिना लक्षण वाले लोगो की भी कोरोना जांच नही की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आरटीपीसीआर जांच में पॉजिटिव आने वाले संक्रमितों की कुल संख्या का एक प्रतिशत सैम्पल ही ओमिक्रोन जांच के लिए भेजा जा रहा है।सैम्पल को पटना के डब्ल्यूएचओ के लैब में भेजा जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक सैम्पल की जांच के दौरान अभी तक ओमिक्रोन के एक भी मामले की पुष्टि नही हुई है।

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