अष्टमी पर भक्तों ने रखा व्रत, भक्तों ने सिंह वाहिनी स्वरूप का दर्शन किया

अष्टमी पर भक्तों ने रखा व्रत, भक्तों ने सिंह वाहिनी स्वरूप का दर्शन किया

Newspoint24 / newsdesk

लखनऊ । शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर बुधवार को भक्तों ने व्रत रखा। मंदिरों में हवन किए गए। अष्टमी पर आदिशक्ति माता दुर्गा के आठवें स्वरूप की पूजा का विधान है। भक्तों ने माता के इसी विग्रह की पूजा की। अष्टमी पर कहीं-कहीं कन्या पूजन भी किया गया। मंदिरों में फूलों के अलावा सब्जी, फल और मसालों से भी श्रृंगार किया गया। गुरूवार को अंतिम नवरात्रि एवं नवमी तिथि होगी। लखनऊ के संदोहन देवी मंदिर में भक्तों ने सिंह वाहिनी स्वरूप के दर्शन किए।

भक्तों ने अष्टमी पर व्रत रखा। बहुत से भक्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर व्रत रखते हैं। जो भक्त पहला और अंतिम नवरात्रि रखते हैं वे भी अष्टमी पर व्रत रखते हैं। इसके अलावा चौपटियां स्थित संदोहन देवी मंदिर में हवन हुआ। यहां माता को अष्टमी पर सिंह की सवारी पर विराजमान दिखाया गया। मंदिर के व्यवस्थापक अनूप मिश्रा ने बताया कि अष्टमी पर मंदिर में भक्तों को मेवा और फल का प्रसाद बांटा गया।

शास्त्रीनगर के दुर्गा जी मंदिर में हवन हुआ। दुर्गा जी मंदिर में माता का श्रृंगार फल, सब्जी, अनाज और मसालों से किया गया। मंदिर के सेवादार सनोज मिश्रा ने बताया कि यहां फल-सब्जी व मसालों का श्रृंगार किया जाता है। बाद में यह सब चीजें भक्तों में बांट दी जाती है। उन्होंने बताया कि मंदिर में हवन और जागरण किया गया। नवमी को कन्या पूजन और भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

ठाकुरगंज स्थित मां पूर्वी देवी मंदिर में अष्टमी पर माता का महागौरी स्वरूप में श्रृंगार हुआ। माता को पीले रंग के वस्त्र धारण कराए गए। सोलह श्रृंगार में माता को सजाया गया। भवन को लाल रंग में हरी लड़ियों से सजाया गया। भक्तों ने माता को सुहाग सामग्री अर्पित की। माता के हाथों में सिंधौरे को दिखाया गया। बख्शी का तालाब स्थित 51 शक्तिपीठ मंदिर में भी मात का श्रृंगार किया।

हिन्दुस्थान समाचार

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