वायरस के खिलाफ निर्णायक जंग ,यूपी में खिचड़ी से शुरू होगा कोरोना टीकाकरण : योगी आदित्यनाथ

Newspoint24.com/newsdesk/

गोरखपुर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ताओं के बहुमंजिला चेम्बर के शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि खिचड़ी से कोरोना वायरस के खिलाफ निर्णायक जंग शुरू होगी। इसी दिन से कोरोना टीकाकरण शुरू होगा।

उन्‍होंने कहा कि टीकाकरण श्रेणीवार होगा। प्रदेश के छह जिलों में ड्राई रन शुरू हो चुका है। 05 जनवरी को प्रदेश के सभी जिलों में इसे पूरा कर लिया जाएगा। यकीन कीजिये कि वर्ष 2021 में कोरेाना-19 महामारी का खात्मा निश्चित रूप से हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि पिछले 10 महीने से कोरोना 19 से हर व्यक्ति त्रस्त है। अमेरिका की हालत किसी से छिपी नहीं है। ब्रिटेन ने टीकाकरण की शुरूआत की। वहां पुनः लॉकडाउन की स्थिति बन गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश और प्रदेश में 2021 की शुरुआत में विश्वास के साथ कह सकते हैं कि पांच जनवरी से पूरे प्रदेश में ड्राई रन होगा। 06 जिलों में ड्राई रन चल रहा है। मकर संक्रांति से देश और प्रदेश में कोरोना का टीकाकरण शुरू होगा। हम इस सदी की सबसे बड़ी बीमारी का खात्मा करने में सफल होंगे। 


मांगा जन सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसी महामारी से लड़ते हैं तब सरकारें सिर्फ नेतृत्व करती हैं। लेकिन सफलता जन सहयोग और सभी संस्थाओं से साझा प्रयास से मिलती है। भारत के प्रयासों की डब्ल्यूएचओ ने भी सराहना की। देश की सबसे बड़ी आबादी का राज्य उत्तर प्रदेश कोरोना की रोकथाम में भी सबसे बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहा।

गिनाईं उपलब्धियां


प्रदेश में 68 हजार से घट कर कोरोना के मामले 13 हजार पर पहुंच गए हैं। रिकवरी रेट 97 फीसदी और मृत्यु दर एक फीसदी के आसपास है। उन्होंने कहा कि 20 मार्च से लॉकडाउन शुरू हुआ। 40 लाख कामगार और प्रवासी यूपी आए। मजदूरों और प्रतियोगी छात्रों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया गया। उन्हें रोजगार भी उपलब्ध कराया। प्रदेश के विकास की गति भी थमने नहीं दी गई। कोरोना-19 पर प्रभावी नियंत्रण भी लगा।

सबकी चिंता की गई


मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड काल में तकनीक की मदद ली गई। महिलाओं, मजदूरों, पेंशनधारियों की चिंता हुई। 86 लाख से अधिक वृद्धों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगों को पेंशन और एडवांस पेंशन की धनराशि दी गई। डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में एक क्लिक में पैसे गए। बैकों में लाइन न लगानी पड़े, इसके लिए बैकिंग करेस्पांडेंट सखी की नियुक्ति हर ग्राम पंचायत में हुई। जनधन खाताधारी महिलाओं के खाते में एडवांस धनराशि भेजी गई। मौजूदा संसाधन में सफलतापूर्वक ऐसे अनेकों कार्यक्रमों को पूरा किया गया।

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