बच्चों द्वारा मत्स्य उत्सव पर बनाई गई पेंटिंग का कैबिनेट मंत्री जूली ने किया अवलोकन

त्रिपुर सुंदरी के दर्शन के बाद उदयपुर पहुंची पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे

Newspoint24/ संवाददाता /एजेंसी इनपुट के साथ

अलवर । जिला प्रशासन की ओर से अलवर के स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाले तीन दिवसीय मत्स्य उत्सव 2021 का आगाज बुधवार को हुआ। तीन दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला में फतहजंग गुम्बद परिसर में आयोजित मेंहदी, रंगोली एवं पेन्टिंग प्रतियोेगिता समारोह का शुभारम्भ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा कारागार जेल मंत्री टीकाराम जूली ने किया।

अलवर में पर्यटन की है अपार संभावनाएं

कैबिनेट मंत्री ने उपस्थित नागरिकों सम्बोधित करते हुए कहा कि अलवर जिले में ऐतिहासिक रमणीय स्थल है। यहां की प्राकृतिक छंटा तथा अरावली की श्रृंखलाओं में बसे विशेष किले लोगों को सहज ही अपनी ओर आकर्षित करते है। देश व प्रदेश की राजधानी के बीच बसे एनसीआर में शामिल अलवर जिले मेें सरिस्का अभ्यारण्य जैसा नेशनल पार्क स्थित हैै।

जिसकी ना केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान है। यहां के पहाड, नदियां, धोरे, टीबे तथा किले अलवर के पर्यटन को बढ़ावा देने में अहम योगदान रखते हैं।

उन्होंने कहा कि मेहन्दी, रंगोली एवं पेन्टिंग भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। इससे हमारी युवा पीढ़ी भारतीय संस्कृति व कला से परिचित होती हैै।

बच्चों का मंत्री ने बढ़ाया मनोबल

मंत्री जूली ने प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों से बातचीत कर उनका मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि प्रतिभागियों ने रंगोली तथा मेहन्दी प्रतियोगिताओं में परम्परागत डिजाईन एवं आकर्षक रंगों का सर्वोत्तम समावेश किया है

तथा बालिकाओं ने रंगोली के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या, पारम्परिक मांडण एवं बेटी बचाओं बेटी पढाओं के प्रतीकों को उभार कर समाज को जागृत करने का उत्कृष्ट कार्य किया है।

साथ ही पेन्टिंग प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, अलवर के पर्यटन स्थल एवं घुघंट मुक्त अलवर के चित्रों के माध्यम से सकारात्मक संदेश देने का भाव व्यक्त किया है। मंत्री जूली ने इस दौरान गुम्बद परिसर में लगाई गई पर्यटन स्थलों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

इस अवसर पर जिला कलेक्टर एनएम पहाडिया, पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम, सहायक निदेशक पर्यटन विभाग टीना यादव सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Share this story